भारतीय सिनेमा की पहली ‘ड्रीम गर्ल’ देविका रानी की 17 अनकही बातें !


देविका रानी भारतीय रजतपट की पहली एक्ट्रेस जो अपने युग से कहीं आगे की सोच रखने वाली अभिनेत्री थीं. उन्होंने अपनी फिल्मो के माध्यम से जर्जर सामाजिक रुढियो और मान्यताओं को चुनौती देते हुए जिन्दगी जीने के मायने और भावनाओं को स्थापित करने का काम किया था. बेशक भारतीय सिनेमा के लिये देविका रानी का योगदान बहुत रहा है और यह हमेशा याद रखा जायेगा. जिस जमाने में भारत की महिलायें घर की चारदीवारी के भीतर भी घूंघट में मुँह छुपाये रहती थीं, देविका रानी ने चलचित्रों में काम करके एक नये साहस का काम किया था. देविका बहुत खूबसूरत थीं. उन्हें बॉलीवुड की पहली ‘ड्रीम गर्ल’ कहना गलत नहीं होगा.

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देविका रानी की 17 अनकही बातें.

चलिए अब आपको देविका रानी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताते हैं….

1. देविका रानी का जन्म 30 मार्च सन् 1908 को विशाखापट्टनम के वाल्तयेर, ब्रिटिश भारत में हुआ था. उनके पिता कर्नल मनमथा नाथ चौधरी मद्रास के पहले सर्जन थे.

2. उनके चाचा आशुतोष चौधरी कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे. देविका फेमस कवि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर उनके चचेरी पोती थीं.

3. देविका रानी का अधिकांश बचपन लन्दन में बीता था. नौ वर्ष की उम्र में ही स्कुल की शिक्षा समाप्त करने के बाद साल 1920 के दशक के शुरुआती सालों में वह नाट्य शिक्षा ग्रहण करने के लिए लन्दन चलीं गयीं.

4. वहां रॉयल एकेडमी ऑफ़ ड्रामेटिक आर्ट और रॉयल एकेडमी ऑफ़ म्यूजिक नामक संस्थाओ में भर्ती हो गयीं. वहां उन्हें स्कॉलरशिप भी प्रदान की गयीं.

5. पढाई पुरी करने के बाद उन्होंने निश्चय किया कि वह फिल्मों में अभिनय करेंगी लेकिन परिवार वाले इस बात के सख्त खिलाफ थे क्योंकि उन दिनों सम्भ्रांत परिवार की लड़कियों को फिल्मो में काम नही करने दिया जाता था.

6. इस बीच उनकी मुलाक़ात प्रसिद्ध निर्माता हिमांशु रॉय से हुयी. वह मैथ्यू अर्नाल्ड की कविता “लाइट ऑफ़ एशिया” के आधार पर इसी नाम से एक फिल्म बनाकर अपनी पहचान बना चुके थे.

7. हिमांशु देविका की सुन्दरता पर अट्रेक्ट हो गये और उन्होंने देविका रानी को अपनी फिल्म “कर्मा” में काम देने के लिए प्रस्ताव रखा.

8. यह वो समय था जब मूक फिल्मों के निर्माण का दौर समाप्त हो रहा था. हिमांशु ने जब इस फिल्म का निर्माण किया तो उन्होंने नायक की भूमिका स्वयं निभाई और नायिका के रूप में देविका का चुनाव किया.

9. साल 1933 में आई फिल्म ‘कर्मा’ में देविका ने हिमांशु के साथ लगभग चार मिनट तक “लिप टू लिप किस” सीन देकर उस समय के समाज को चौंका दिया. इसके लिए उनकी काफी आलोचना हुयी और फिल्म को प्रतिबंधित कर किया गया. इसके बाद हिमांशु ने देविका से शादी कर ली और मुम्बई आ गये.

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फिल्म कर्मा में किस सीन देतीं देविका.

10. मुम्बई आने के बाद दोनों ने मिलकर बॉम्बे टॉकीज बैनर की स्थापना की और फिल्म ‘जवानी की हवा’ का निर्माण किया जो सफल रही.

11. साल 1936 में प्रदर्शित ‘अछूत कन्या’ ने ग्रामीण बाला की मोहक छवि को रुपहले पर्दे पर साकार किया. इस फिल्म में अपने अभिनय से देविका ने दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया.

12. फिल्म में अशोक कुमार ऊँची जाति के युवक के किरदार में थे जिन्हें अछूत लड़की बनी देविका से प्यार हो जाता है. इस फिल्म के बाद देविका फिल्म इंडस्ट्री में ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से मशहूर हो गयीं.

13. ‘अछूत कन्या’ के प्रदर्शन के बाद उन्हें ‘फिरस्त लेडी ऑफ़ इंडियन स्क्रीन’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. उसके बाद अशोक कुमार के साथ कई फिल्मों में अभिनय किया.

14. इन फिल्मों में साल 1937 में प्रदर्शित फिल्म ‘इज्जत’ के अलावा सावित्री (1938) और निर्मला (1938) जैसी फिल्में शामिल हैं.

15. प्रचलित समाजिक मान्यताओं को स्वीकार नहीं करने वाली देविका के साथ किस्मत ने भी भद्दा मजाक किया और साल 1940 में हिमांशु राय का निधन हो गया. इस विपदा को भी साहस से झेलकर उन्होंने पति के स्टूडियो बॉम्बे टॉकीज पर नियन्त्रण कर संघर्ष किया.

16. साल 1945 में वह रूसी चित्रकार स्वेतोस्लाव रोरिक से शादी कर स्थाई रूप से उनके साथ बंगलौर में रहने लगी. देविका को भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहेब फाल्के और सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार सहित कई दर्जनों सम्मान मिले.

17. फिल्मो से अलग होने के बाद भी वह विभिन्न कलाओं से जुड़ी रहीं. अपने दिलकश अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली देविका 9 मार्च साल 1994 को 85 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गयीं.

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