लुडविग विट्गेंस्टाइन के अनमोल विचार Ludwig Wittgenstein’s Quotes in Hindi


लुडविग विट्गेंश्टाइन ऑस्ट्रिया के दार्शनिक थे. उन्होंने तर्कशास्त्र, गणित का दर्शन, मन का दर्शन एवं भाषा के दर्शन पर काम किया है. उनकी गणना बीसवीं शताब्दी के महानतम दार्शनिकों में होती है. आज हम आपको उनकी कही कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो आपके जीवन को बदल सकती हैं.

लुडविग विट्गेंस्टाइन के अनमोल विचार :

1. अगर लोग कभी बेवकूफी वाले कार्य न करते तो दुनिया में कभी कोई समझदारी का काम भी न होता.

2. कोई व्यक्ति अगर केवल अपनी भाषा तक सीमित रहता है तो उसका दायरा दुनिया के लिए भी सीमित हो जाता है यानि वह जहां है जीवनभर वही रह जाता है.

3. आप किसी के आगे अपनी गलती को स्वीकार कर रहे है तो इसका अर्थ हुआ कि अब आपका दूसरा जन्म होगा. आप खुद को नए स्वरूप में पाएंगे.

4. कभी भी खुद को बेवकूफी के पहाड़ की ऊंचाई पर न लेकर जाए, क्योंकि जब आप वहां से नीचे आएंगे तो सीधा खाई में गिरेंगे और पूरा जीवन बेवकूफी ही करते रहेंगे.

5. मनुष्य का शरीर ही उसकी आत्मा की सबसे सुंदर तस्वीर होती है.

6. दुनिया तथ्यों से बनती है, चीजों से नहीं बनती है.

7. जो लोग भुत ज्यादा जानकारी रखते है, उनके लिए इस सच को दूसरों से छुपाना बहुत मुश्किल होता है.

8. एक दार्शनिक जो कभी, किसी चर्चा में हिस्सा नहीं लेता है, वह उस बॉक्सर की तरह है जो कभी रिंग में उतरता ही नहीं है.

9. लॉजिक अपना ख्याल खुद रख लेता है. हमे देखना सिर्फ इतना है कि वह इस कार्य को किस तरीके से करता है.

10. दुनिया किसी एक मनुष्य की मर्जी के अनुकूल कभी नहीं चलती है.

11. अगर शेर बात करने लग जाए तो भी शायद हम उसकी बातों को समझ नहीं पाएंगे.

12. एक तस्वीर सबसे महत्वपूर्ण तथ्य की तरह होती है.

13. जो चीजे आप दूसरों को दिखा सकते है, उनके बारे में बोला नहीं जा सकता है.

14. चुटकुलों की मदद से गम्भीर और अच्छे कार्य को खूबसूरती के साथ लिखा जा सकता है.

15. नर्क दूसरे लोगो में नहीं, लेकिन खुद में ही होता है.

16. अगर कोई व्यक्ति किसी विषय पर अपना तर्क रखता है तो उसे कुछ वक़्त बाद पता चलता है कि उसकी बात सही थी या गलत.

17. एक शब्द भी बोलते है तो आप कल्पनाओं को छूते है.

18. हमेशा सोचते मत रहे, लेकिन अपने इर्द-गिर्द की चीजों को देखे.

19. जिस परिस्थिति में आपके पास कुछ बोलने के लिए न हो या आप कुछ नहीं बोल पा रहे है तो ऐसी परिस्थिति में चुप रहना ही फायदेमंद होता है.

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