कई रोगों की एक दवा…मुनक्का!


अंगूर एक ऐसा फल है जिसे पकने के बाद तो खाया ही जाता है,साथ ही साथ सुखा के भी खाया जाता है. अंगूर को सुखाने पर ये किशमिश या मुनक्का बन जाता है.आइये जानते हैं किशमिश और मुनक्का को किस तरह हम अपनी व्याधियों को दूर के लिये प्रयोग में ला सकते हैं…

1- बार-बार बेहोशी आने पर 2 से 3 ग्राम आंवला और 4-5 ग्राम मुनक्का को 200 ग्राम पानी में पकाएं. पकने के बाद जब पानी सिर्फ 100 ग्राम बच जाए तो मुनक्का और आंवले को अच्छी तरह से पीसकर छान लें. छानने के बाद इसमें थोडी सी मिश्री और सोंठ का चूर्ण मिला लें. इसको सुबह-शाम पियें. इससे कमजोरी दूर होने के साथ-साथ यह समस्या भी दूर होगी.

2-25 ग्राम मुनक्का में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर इसमें थोड़ी सी खस व अनार की छाल ले लें. इन सबके भी पानी में उबालें. बचे हुए एक चौथाई पानी को छान लें. इसको भी काढ़े की तरह सुबह-शाम सेवन करें. इससे शरीर को उर्जा मिलेगी जिससे आप हमेशा ताजा फील करेंगे.

3-जामुन के 10-15 पत्तों को पीसकर इसमें 10-15 मुनक्का डालकर पानी को अच्छी तरह से पकाएं.उसके बाद एक चौथाई पानी रहने पर इससे कुल्ला करें. इससे मुंह के छालों के साथ-साथ बाकी रोग भी आसानी से दूर होंगे.

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