जल्लीकट्टू के बारे में 8 रोचक तथ्य What is jallikattu ?

दक्षिण भारत में जल्लीकट्टू एक प्रसिद्ध खेल है. जिसमें बैल और इंसान का मुकाबला होता है. पिछले कुछ सालों से ये काफी विवादों में भी रहा है. इससे जुड़ी हर जानकारी आप इस पोस्ट में पढ़ सकते हैं.

1. जल्लीकट्टू तमिलनाडु का एक परंपरागत खेल है, जिसमें बैल को काबू में किया जाता है. यह खेल काफी सालों से तमिलनाडु में लोगों द्वारा खेला जाता है.

2. तमिलनाडु में मकर संक्रांति का पर्व पोंगल के नाम से मनाया जाता है. इस खास मौके पर जल्लीकट्टू के अलावा बैल दौड़ का भी काफी जगहों पर आयोजन किया जाता है.

3. जानकारों के मुताबिक जल्लीकट्टू तमिल शब्द सल्ली और कट्टू से मिलकर बना है. जिनका मतलब सोना-चांदी के सिक्के होता है जो कि सांड के सींग पर टंगे होते हैं. बाद में सल्ली की जगह जल्ली शब्द ने ले ली .

4. माना जाता है कि सिंधु सभ्यता के वक्त जो अय्यर और यादव लोग तमिल में रहते थे उनके लिए सांड पालना आम बात थी. बाद में यह साहस और बल दिखाने वाली बात बन गई. बाद में बैल को काबू करने वाले को इनाम और सम्मान दिया जाने लगा. किसी सांड को काबू करने की प्रथा लगभग 2,500 साल पुरानी कही जा सकती है.

Source : Indian Express

5. अभिनेता कमल हासन, धनुष और सूर्या इस विवादित खेल का समर्थन कर चुके हैं.

6. आंकड़ों के अनुसार 2010 से 2014 के बीच जल्लीकट्टू खेलते हुए 17 लोगों की जान गई थी और 1,100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. वहीं पिछले 20 सालों में जल्लीकट्टू की वजह से मरने वालों की संख्या 200 से भी ज्यादा थी. इस वजह से साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ क्रूअलटी टू एनिमल एक्ट के तहत इस खेल को बैन कर दिया था.

7. जल्लीकट्टू को बैन करने की मांग एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया और पीपल फॉर द एथिक्ल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल (PETA), कॉमपैशन अनलिमिटिड प्लस एक्शन (CUPA) ने की थी. उनके साथ पशुओं के अधिकार के लिए बने काफी सारे संगठन भी इसमें शामिल थे.

8. सुप्रीम कोर्ट ने मई 2014 में जल्लीकट्टू पर फैसला दिया था. उसमें इस खेल में सांडों के प्रयोग को बंद करने का ऐलान किया था. साथ ही कहा था जो भी ऐसा करेगा तो माना जाएगा कि उसने कानून तोड़ा है.

Loading...

Comments

Comments

comments