Home News पाकिस्तान में हर मोबाइल में किसकी है पोर्न. यहां जानिए…..

पाकिस्तान में हर मोबाइल में किसकी है पोर्न. यहां जानिए…..

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शहर के बीचो-बीच पॉश इलाके में एक मकान. आधी रात को कमरे में बेहद कम रोशनी. दीवारों पर उत्तेजक चित्र. लड़का और लड़की हाथ में हाथ लिए बैठे हैं. दोनों धीरे-धीरे करीब आते हैं. यह सीन आपको किसी फिल्म के सीन जैसा लग रहा होगा. आपका अंदाजा सही है कि यह फिल्म का सीन है लेकिन अन्तर सिर्फ इतना है कि यह सीन किसी बॉलीवुड या हॉलीवुड फिल्म का नहीं बल्कि एक पॉर्न फिल्म का है. कराची में कई ऐसे स्टूडियो हैं जहां ऐसी फिल्म बनती हैं क्योंकि पाकिस्तान में पॉर्न फिल्मों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. इसलिए पॉर्न फिल्मों का कारोबार यहां बहुत अच्छी तरह फल-फूल रहा है. इसके अलावा यहां आपको लगभग हर मोबाइल में एक पॉर्न क्लिप जरूर मिलेगी जो हिना रब्बानी और बलावल भुट्टों की है.

हिना रब्बानी की पोर्न फिल्म Image: www.gajabdunia.com.

एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार इंडस्ट्री से जुड़े लोग बताते हैं कि दुनिया में लोगों को एक दूसरे से जोड़ने का काम कुछ खास चीजें करती हैं जैसे खाना-पीना और शिक्षा, उसी तरह पॉर्न भी एक ऐसा तरीका है जिससे लोग जुड़ते हैं. आपको बता दें कि पाकिस्तान में बनने वाली ये पॉर्न फिल्में पूरी दुनिया में देखी और पसंद की जाती हैं. यहां के लोगों ने यह तक बताया कि पाकिस्तान में हर चौथे मोबाइल में आपको हिना रब्बानी की पॉर्न क्लिप देखने को मिल जाएगी. लोग इसे जमकर पसंद करते हैं. रिपार्ट के अनुसार पाकिस्तान में एक औसत पॉर्न मूवी बनाने में करीब 4 से 6 लाख रुपये का खर्च आता है और इस फिल्म से प्रोड्यूसर आराम से 10 लाख तक कमा लेते हैं. इस फिल्म में सबसे बड़ा खर्च अभिनेत्री की फीस होती है जोकि 30 से 50 हजार होती है. अधिकांश फिल्मों में युवा लड़के अपनी मर्जी से बिना किसी फीस के रोल करते हैं.

Image: www.altfg.com

कराची के ऐसे ही एक प्रॉड्यूसर जुनैद और डायरेक्टर टीना ने एक स्टूडियो साल 2002 में शुरू किया था. टीना पहले खुद एक अभिनेत्री थीं. इन दोनों ने मिलकर अब तक 90 फिल्में बनाई हैं. बकौल टीना शुरू में हम अंग्रेजी फिल्में दिखाते थे, लेकिन फिर अहसास हुआ कि लोलक टच देना चाहिए. हम दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि पाकिस्तान में सेक्स कैसे होता है. साल 2005 में इनकी बनाई फिल्म को जबरदस्त सफलता मिली. इसके बाद से हर स्टूडियो में ऐसी फिल्में बनने लगीं. इसके लिए स्टूडियो में खास इंतजाम किया जाने लगा और शौकीनों तक पहुंचाने के लिए इन्हें सीडी के जरिए बाजार में लाया जाता है. इसी के साथ इंटरनेट पर भी अपलोड किया जाता है.

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