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सिख धर्म के शौर्य, वीरता और गौरवमयी इतिहास से जुड़े रोचक तथ्य

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जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल ये शब्द आपने फिल्मों में या फिर अपने आसपास मौजूद लोगों के सुने ही होंगे. सिख धर्म का यह ध्येय वाक्य माना जाता है. भारत के इतिहास से लेकर वर्तमान तक सिखों का योगदान अभूतपूर्व रहा है. तो आइये जानते हैं सिख धर्म के गौरवमयी इतिहास से जुड़ी कुछ बातें

1. सिख धर्म की स्थापना गुरु नानक देव ने की थी और वह ही इस संप्रदाय के पहले गुरु थे.

2. नानक देव के बाद गुरु अंगद इस पंथ के गुरु बने और उन्होंने गुरुमुखी लिपि को जन्म दिया.

3. सिख धर्म के तीसरे गुरु अमरदास थे जिन्होंने इस धर्म के प्रचारप्रसार के लिए 22 गद्दियों की स्थापना की.

4. इसके बाद गुरु रामदास ने इस पंथ की बागडोर संभाली जिन्होंने साल 1577 में पंजाब राज्य के अमृतसर नगर को बसाया. एक महान मुग़ल सम्राट कहे जाने वाले अकबर ने गुरु रामदास को 500 बीघा जमीन दान में दी थी.

5. सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुनदेव हुए जिन्होंने श्री हरमंदिर साहिब या स्वर्ण मंदिर की नींव रखी.

6. गुरु ग्रन्थ साहिब को संकलित करवाने का श्रेय भी गुरु अर्जुनदेव को ही जाता है.

7. गुरु हरगोविंद सिंह सिख धर्म के छठवें गुरु हुए जिन्होंने अकाल तख़्त की स्थापना की. सिखों को सैनिक जाति में बदलने का श्रेय भी इन्हें ही जाता है.

8. इसके बाद सिख धर्म में अगले गुरु हरराय और गुरु हरकिशन हुए जो कि ज्यादा समय तक इस धर्म की बागडोर ना संभाल सके और अलगअलग कारणों से इनकी मृत्यु हो गई.

9. सिखों के नवें गुरु तेग बहादुर हुए जिनकी साल 1675 में मुग़ल शासक औरंगजेब ने इस्लाम ना कबूल करने के कारण हत्या कर दी.

10. सिख धर्म के दसवें और अंतिम संचालक गुरु गोविन्द सिंह हुए जिन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की.

11. गुरु गोविन्द सिंह के बाद बंदा बहादुर सिखों का नेता हुआ जिसका मूल नाम लच्छन देव था.

12. साल 1715 में मुग़ल शासक फर्रुखशियर ने बंदा बहादुर की हत्या करवा दी.

13. गुरु गोविन्द सिंह की समाधि नांदेड़ गुरुद्वारे में स्थित है जो कि सिखों के लिए एक पवित्र स्थल माना जाता है.

14. सिख धर्म का अंतिम शासक दिलीप सिंह था.

15. अंत में सिखों का विभाजन 12 विभिन्न मिसलों में हो गया.

16. पूरी दुनिया में सिख धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या 30 मिलियन से भी ज्यादा है.

17. सिख धर्म के अनिवार्य पांच तत्व केश, कंघा, कृपाण, कच्छा और कंघा रखने की शिक्षा गुरु गोविन्द सिंह ने दी थी.

18. सिख संप्रदाय में महिलाओं और पुरुषों को बराबरी का अधिकार देने की मान्यता है.

19. गुरूनानक ने अपने अनुयायियों के लिए एक संस्‍था संगत और पंगत बनाई जहॉ ये प्रतिदिन उनसे मिलते थे.

20. सिख धर्म दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा धर्म माना जाता है.