Chief Justice

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को कितना वेतन मिलता है

Explainer

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस के लिए कानून मंत्रालय को अरविंद बोबड़े के नाम की सिफारिश की है. वो वर्तमान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) की जगह लेंगे. जस्टिस गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. उसके बाद 18 नवंबर को जस्टिस बोबड़े चीफ जस्टिस बनेंगे. उनका कार्यकाल 23 अप्रैल 2021 तक होगा.

चीफ जस्टिस का चुनाव कैसे होता है

भारतीय संविधान में इस बात का जिक्र है कि सुप्रीम कोर्ट में एक चीफ जस्टिस होगा, लेकिन इसके चयन की प्रक्रिया के बारे में कोई खास ब्योरा नहीं है. सिर्फ आर्टिकल 126 है जिसमें कार्यकारी चीफ जस्टिस की नियुक्ति का विवरण है. ऐसे में देश में  प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए परंपराओं का पालन किया जाता रहा है.

न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया पत्रक के अनुसार भारत के प्रधान न्यायाधीश पद के लिए शीर्ष अदालत के वरिष्ठतम न्यायाधीश को उपयुक्त माना जाना चाहिए. वरिष्ठतम से मतलब उम्र नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट में सेवा काल से है. पत्रक में कहा गया है कि विधि मंत्री उचित समय पर निवर्तमान प्रधान न्यायाधीश से अगले सीजेआई की नियुक्ति के बारे में सिफारिश मांगेंगे.

प्रधान न्यायाधीश यानी सीजेआई की नियुक्ति की सिफारिश मिलने के बाद विधि मंत्री इसे प्रधानमंत्री के समक्ष रखते हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री इसे राष्ट्रपति के सामने रखते हैं और विचार विमर्श करते हैं. प्रधानमंत्री द्वारा सुझाये गए नाम पर राष्ट्रपति विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय करते हैं. नाम तय होने के बाद नए सीजेआई को राष्ट्रपति शपथ दिलाते हैं.

अगर दो जजों का अनुभव बराबर हो तो?

अगर दो जजों के बीच टाई की स्थिति होती है. यानी अगर दो जजों ने एक ही दिन सुप्रीम कोर्ट जॉइन किया हो तो ऐसे में उनके हाईकोर्ट में जज रहने की अवधि देखी जाती है. जिसके पास भी हाईकोर्ट में जज के बतौर ज्यादा दिनों का अनुभव होता है, उसे सीनियर माना जाता है.

जस्टिस दीपक मिश्रा की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के बतौर नियुक्ति के वक्त भी यही मुश्किल सामने आई थी. जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस चेलमेश्वर की सुप्रीम कोर्ट में जज होने का अनुभव बराबर का था. दोनों ने एक ही साथ 10 अक्टूबर 2011 को सुप्रीम कोर्ट के जज की शपथ ली थी.

जस्टिस दीपक मिश्रा की उम्र जस्टिस चेलमेश्वर से चार महीने कम थी. लेकिन हाईकोर्ट में जज के बतौर अनुभव के आधार पर दीपक मिश्रा को वरीयता दी गई और अगस्त 2017 में वो सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बनाए गए थे.

अब तक 46 चीफ जस्टिस

साल 1950 में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के बाद अब तक देश में 4६ सीजेआई की नियुक्ति हो चुकी है. इसमें वर्तमान प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई भी शामिल हैं. वो पूर्वोत्तर भारत से देश के चीफ जस्टिस बनने वाले पहले जज हैं.

चीफ जस्टिस का वेतन

27 जनवरी को जारी अधिसूचना के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का वेतन एक लाख रुपये से बढ़ाकर 2.80 लाख रुपये प्रति महीने कर दिया गया है. वेतन के अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश को सरकारी आवास, गाड़ी और कर्मचारियों आदि के भत्ते भी मिलते हैं.

जजों का कॉलेजियम क्या है?

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में मुख्य न्यायाधीश समेत सुप्रीम कोर्ट के पांच जज होते हैं. वहीं उच्च न्यायालय का कॉलेजियम तीन मेम्बरों पर आधारित होता है. कालेजियम को सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की नियुक्तियां और तबादलों का अधिकार होता है.

कॉलेजियम कब अस्तित्व में आया?

मुख्य न्यायाधीश जेएस वर्मा के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की 9-सदस्य संवैधानिक खंडपीठ ने 6 अक्तूबर 1993 को तय किया कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश का रूतबा कार्यपालिका से ऊपर है इसलिए जजों के स्थानांतरण और नियुक्तियां कॉलेजियम द्वारा की जाएंगी.

मुख्य न्यायाधीश की भूमिका

मुख्य न्यायाधीश की भूमिका को लेकर पांच सालों तक असमंजस रही. पांच जजों की समिति में मुख्य न्यायाधीश को अन्य चार जजों की राय लेनी ज़रूरी थी. मगर बाद में सुप्रीम कोर्ट की एक दूसरी खंडपीठ ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के लिए सिर्फ दो जजों की राय लेनी ज़रूरी है.

नियमावली

सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम के संचालन के लिए एक 9-सूत्री नियमावली भी बनाई जिसमें कॉलेजियम की सर्वोचता बरक़रार रखी गई. 1998 में मुख्य न्यायायधीश बरूचा के नेतृत्व वाली संविधानपीठ ने एक अन्य फैसले में विधायिका और कार्यपालिका पर न्यायपालिका की श्रेष्ठता को बरक़रार रखा.

 

1 thought on “सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को कितना वेतन मिलता है

Leave a Reply

Your email address will not be published.