Warren Hastings

बंगाल के पहले गवर्नर जनलर और रेग्युलेटिंग एक्ट लागू करने वाले Warren Hastings की कहानी

Vyakti Vishesh

Warren Hastings का जन्म ब्रिटेन के ऑक्सफोर्डशायर में 6 दिसंबर 1732 में हुआ था. हेस्टिंग्स बचपन से ही पढाई लिखाई में तेज थे. 18 साल की उम्र में ही वे ब्रिटेन से भारत लिपिक बनाकर भेज दिए गए.

लिपिक से बंगाल का गवर्नर

वारेन हेस्टिंग्स लंदन से जब भारत आये तो वो एक लिपिक के रुप में कार्यरत थे, लेकिन उनकी प्रतिभा को देखने हुए उन्हें जल्द ही कलकत्ता के सदर बाजार के अध्यक्ष बना दिये गये. उनके काम के रफ्तार को देखते हुए अंग्रेज हुकूमत ने साल १७७२ में उन्हें बंगाल का गवर्नर बना दिया.

रेग्युलेटिंग एक्ट लागू किया

बंगाल के गवर्नर बनने के अगले साल ही वारेन हेस्टिंग्स ने रेग्युलेटिंग एक्ट लागू कर दिया. इस एक्ट के तहत भारत में एक गवर्नर जनरल होगा जो सभी सूबे का प्रमुख होगा. गवर्नर जनरल का कार्यकाल पांच साल का होगा. वारेन हेस्टिंग्स भारत के पहले गवर्नर जनरल बने. रेग्युलेटिंग एक्ट के बाद ही भारत पर प्रत्यक्ष रूप से अंग्रेजी हुकूमत का कब्जा शुरू हुआ.

सुप्रीम कोर्ट की स्थापना 

गवर्नर जनरल बनने के बाद वारेन हेस्टिंग्स ने सबसे पहले भारत में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना करवाई. सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाले जज ब्रिटेन से आए. भारत में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना 1774 ईस्वी में हुई. सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के पीछे वारेन हेस्टिंग्स का उद्देश्य न्याययिक प्रक्रिया में सुधार थी.

सुरक्षा व्यवस्था में विशेष जाति को तरजीह

भारत में सुरक्षा व्यवस्था में जातिवाद का बीज वारेन हेस्टिंग्स ने ही बोया. हेस्टिंग्स से पहले रॉबर्ट क्लाइव ने सुरक्षा व्यवस्था में सभी जाति के लोगों को भर्ती करने का आदेश दिया था, लेकिन हेस्टिंग्स ने आते ही इसमें बदलाव किया. वारेन हेस्टिंग्स ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में सिख, राजपूत और जाट समाज के लोगों को ही रखा. इसके पीछे हेस्टिंग्स का मानना था कि ये लोग एक साइज के होते हैं और ज्यादा ताकतवर होते हैं.

अखबारों पर प्रतिबंध लगाया

बात 1780 की है, अंग्रेज शासन में ही एक कर्मचारी थे, जेम्स अगस्टस हिक्की. हिक्की वारेन हेस्टिंग्स के शासन से परेशान होकर पहली बार कोलकाता गजट नामक अखबार का प्रकाशन शुरू किया.

कोलकाता गजट ने हेस्टिंग्स शासन के खिलाफ एक युद्ध छेड़ दिया. हेस्टिंग्स ने जल्द ही अख़बार को सबक सिखाने की ठानी.

दो साल बाद यानी 1982 में हेस्टिंग्स ने कोलकाता गजट पर आरोप लगाकर बंद करने का फरमान सुना दिया. जेम्स अगस्टस हिक्की को ब्रिटेन भेज दिया गया. इस तरह भारत का सबसे पहला अखबार हेस्टिंग्स के शासन के तले दबा दिया गया.

पद से हटाए गए 

वारेन हेस्टिंग्स ने रेग्युलेटिंग एक्ट में सुधार के नाम पर पिट्स इंडिया एक्ट लागू कर दिया. इस एक्ट में मुंबई और मद्रास प्रेसिडेंसी को भी भारत के गवर्नर जनरल के अंदर कर दिया गया.

इस एक्ट का नाम ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री विलियम पिट के नाम पर रखा गया. इस एक्ट का ब्रिटेन में खूब विरोध हुआ जिसके बाद सरकार ने हेस्टिंग्स को पद से हटाकर वापस ब्रिटेन बुला लिया.

महाभियोग चलाया गया

हेस्टिंग्स के गवर्नर जनरल पद से हटने के बाद ब्रिटिश संसद में खूब हंगामा हुआ. उनके कार्यकाल को लेकर ब्रिटेन में सांसदों ने महाभियोग प्रस्ताव लाया. ब्रिटिश संसद द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव पर 9 सालों तक जांच चली. हालांकि 1795 में हेस्टिंग्स को ब्रिटिश संसद ने ही सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.

निधन 

वारेन हेस्टिंग्स का निधन 1818 में ब्रिटेन के डेलीस्फोर्ड में हो गया. भारत में कुछ साल पहले तक वारेन हेस्टिंग्स के नाम पर एक सड़क थी जिसे बाद में बदलकर 6 कृष्णा मेनन मार्ग कर दिया गया.