Mayawati

जब मायावती ने गिरवा दी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार

Explainer

मायावती के मिजाज़ के बारे में भविष्यवाणी करना बहुत कठिन है. ये बात 17 अप्रैल 1999 की है. राष्ट्रपति केआर नारायणन ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से लोकसभा में विश्वास मत लेने के लिए कहा था.

वाजपेयी सरकार इसके लिए आश्वस्त भी थी, क्योंकि ओम प्रकाश चौटाला एनडीए खेमे में वापस आने का ऐलान कर चुके थे और मायावती की तरफ़ से संकेत आए थे कि उनकी पार्टी मतदान में भाग नहीं लेगी.

उस दिन संसद भवन के पोर्टिको में जब अटल बिहारी वाजपेयी अपनी कार में बैठ रहे थे तो पीछे आ रही मायावती ने चिल्ला कर कहा था 

आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं.

मतदान से कुछ समय पहले, संसदीय कार्य मंत्री कुमारमंगलम ने बहुजन समाज पार्टी के सांसदों से बात कर कहा, अगर आपने सहयोग किया तो शाम तक मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री हो सकती हैं.

सरकार के खेमे में बढ़ती गतिविधियों को देख कर शरद पवार मायावती के पास पहुंचे. मायावती ने उनसे सीधा सवाल किया

अगर हम सरकार के ख़िलाफ़ वोट करते हैं तो क्या सरकार गिर जाएगी?”

पवार ने जवाब दिया, “हाँ”.

जब बहस के बाद वोटिंग का समय आया तो पूरे सदन में सन्नाटा छाया हुआ था. मायावती, आरिफ़ मोहम्मद ख़ां और अकबर अहमद डंपी की तरफ़ देख कर गरजीं

लाल बटन दबाओ.

ये घटना उस जमाने की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना थी.  जब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का परिणाम फ़्लैशहुआ तो वाजपेयी सरकार सरकार विश्वास मत खो चुकी थी.