Jagjivan Ram

Babu Jagjivan Ram Biography: भारत के बड़े दलित नेता बाबू जगजीवन राम कौन थे

Vyakti Vishesh

भारत के बड़े दलित नेता Babu Jagjivan Ram का जन्म 5 अप्रैल, 1908 को हुआ था. किसने सोचा था एक सामान्य परिवार में जन्मा, स्वभाव से बेहद ही शांत लड़का भारत के इतिहास में सदा के लिए वंचितो की लड़ाई लड़ने वाले दलित नेता के रूप में अपना नाम दर्ज करवाएगा. जग जीवन राम के नाम अबतक के लोकतंत्र में सबसे ज्यादा दिनों तक कैबिनेट मंत्री बनने का रिकॉर्ड है. आइए थोड़ा नजदीक से जानते हैं बाबू जग जीवन राम की जिंदगी के बारे में

इनका जन्म 5 अप्रैल, 1908 को बिहार के भोजपुर में हुआ था. उनका नाम जगजीवन राम रखे जाने के पीछे प्रख्यात संत रविदास के एक दोहेप्रभु जी संगति शरण तिहारी, जगजीवन राम मुरारी, की प्रेरणा थी. इसी दोहे से प्रेरणा लेकर उनके माता पिता ने अपने पुत्र का नाम जगजीवन राम रखा था. उनके पिता शोभा राम एक किसान थे जिन्होंने ब्रिटिश सेना में नौकरी भी की थी. बाबू जगजीवन राम कांग्रेस के पक्के वफादार नेता थें जिन्हें 1946 की अंतरिम सरकार में पंडित नेहरू ने लेबर मिनिस्टर बनाया था. ये उस वक्त के सबसे युवा सदस्य थें.

उन्होंने आरा में रहते हुए अपने हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की, स्कूल के दिनों से ही उन्हें दलित जाति का होने के कारण हर तरह के भेदभाव का सामना करते रहना परा था. प्रारंभिक शिक्षा के दौरान ही एक बार मदन मोहन मालवीय का आरा के एक स्कूली समारोह में जाना हुआ. बता दें की मदन मोहन मालवीय बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं। उसी समारोह के दौरान उनकी मुलाकात जग जीवनराम से हुई. बाबू जगजीवन राम की संस्कृत पर इतनी अच्छी पकड़ थी कि उनसे प्रभावित होकर मालवीय जी ने उन्हें बीएचयू में पढ़ने के लिए आमंत्रित कर दिया. हांलाकि उन्होंने वहाँ दाखिला तो ले लिया लेकिन हर तरफ हो रहे जाति भेदभाव से तंग आकर उन्होंने बाएचयू की पढ़ाई बात में ही छोड़ दी. उसके बाद उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी में अपना दाखिला करवाया और वही से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

उनका संपूर्ण जीवन राजनीतिक, सामाजिक सक्रियता और विशिष्ट उपलब्धियों से भरा हुआ है. सदियों से शोषण और उत्पीड़ित दलितों, मज़दूरों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा के लिए जगजीवन राम द्वारा किए गए क़ानूनी प्रावधान ऐतिहासिक हैं. जगजीवन राम का ऐसा व्यक्तित्व था जिसने कभी भी अन्याय से समझौता नहीं किया और दलितों के सम्मान के लिए हमेशा संघर्षरत रहे.

जगजीवन राम के बारे में और ज्यादा जानने के लिए ये वीडियो देखिये..