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कोरोना वायरस का भारत के डिजिटल मार्केट पर प्रभाव

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कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया ने नये तरह से जीना सीख लिया है. सड़कें खाली हैं, होटल खाली हैं, खेल के मैदान खाली हैं, विमान खाली हैं और इनसे जुड़े व्यापार भी खाली हैं. सवाल यही है कि आखिर यहां की भीड़ कहां शिफ्ट हो गई? जाहिर सी बात है, लोग घरों में बैठे हैं तो कोरोना वायरस से जुड़ी सूचनाएं जानना उनकी पहली प्राथमिकता होगी, इसलिए लोग सरकारी वेबसाइटें और न्यूज़ देखेंगे. ज्यादा खाली हुए तो फिल्म देखेंगे, बच्चे आउटडोर गेम तो खेल नहीं सकते हैं, इसलिए ऑनलाइन गेम खेलेंगे.

दुनियाभर की वेबसाइटों और मोबाइल ऐप पर नज़र रखने वाली साइट कॉमस्कोर ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से भारत में डिजिटल बिहैवियर में आये बदलाव का अध्ययन किया है. अध्ययन चौंकाने वाला तो नहीं है लेकिन एक महीने पहले किसी ने इसका कल्पना नहीं की थी, न ही इस स्थिति से निबटने के लिए तैयारी की थी.

न्यूज़ कन्जम्प्शन बढ़ा

अगर हम 10-16 फरवरी तक के डेटा की तुलना 16-22 मार्च के बीच के डेटा की करें तो पता चलता है कि जनरल न्यूज़ कैटेगरी में 61 प्रतिशत का उछाल आया है. जनरल न्यूज़ कैटेगरी में ये उछाल आना होली के आसपास ही शुरू हो गया था. अगर आपको याद हो तो प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने होली मिलन कार्यक्रम रद्द कर दिये थे, वजह थी कोरोना महामारी. होली के तुरंत बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया. जिसके बाद लोगों ने न्यूज़ वेबसाइटों के खूब चक्कर लगाये. अगर हम 9-15 मार्च के डेटा की तुलना 16-22 मार्च के बीच की करें तो भी 50 फीसदी का उछाल है.

बिजनेस, फाइनेंस साइट्स पर यूज़र बढ़े –

लॉकडाउन की वजह से दुनियाभर के बाजार धराशाही हुए, अमेरिका का डाउजोन्स हो या भारत का सेंसेक्स और निफ्टी सभी अपने उच्ततम स्तर से करीब 30-40 फीसदी नीचे हैं. बाजार जितना नीचे गया है लगभग उतना ही इनकी ख़बरें करने वाली साइटों पर यूज़र बढ़ा है.

बिजनेस न्यूज कैटेगरी की साइटों के यूनिक यूजर करीब ३४ फीसदी बढ़े हैं, साथ ही लोगों ने इन साइटों पर पहले से ज्यादा समय भी बिताया है. बिताये गये समय में करीब २७ फीसदी की उछाल है. अगर हम 9-15 मार्च के डेटा को 16-22 मार्च के डेटा से कम्पेयर करें तो बिजनेस साइटों पर 16-22 मार्च के बीच 22 फीसदी ज्यादा यूनिक यूजर आये हैं.

सरकारी सूचना पर भरोसा बढ़ा

महामारी या आपदा के समय सूचना का सबसे भरोसेमंद स्रोत, सरकारी संस्थान ही होते हैं. ऐसे हालात में न्यूज संस्थान भी डेटा और सूचना के लिए सरकारी संस्थानों पर निर्भर रहते हैं. यही ट्रेंड कोरोना के वक्त भी देखने को मिला है. सरकारी वेबसाइटों पर फरवरी के महीने में और मार्च के शुरुआती दिनों में भारी गिरावट देखने को मिली, लेकिन जैसे ही न्यूज़ में कोरोना की ख़बरें बढ़ती गईं वैसे-वैसे सरकारी वेबसाइटों पर विजिट्स बढ़ते गये. कोरोना वायरस की वजह से पब्लिक सेक्टर की वेबसाइट्स और ऐप के 31 प्रतिशत यूनिक विजिटर्स बढ़े जबकि टाइम स्पेंट भी 27 फीसदी बढ़ा.

16-22 मार्च के दौरान इसमें पहली बार बढ़त देखी गई. अगर हम 9-15 मार्च के डेटा को 16-22 मार्च के डेटा से कम्पेयर करें तो इसमें 21 प्रतिशत का उछाल है.

स्वास्थ्य से जुड़ी साइटों पर यूजर बढ़े –

कोरोना से डरी हुई जनता ने ऑनलाइन आकर इसका इलाज भी ढूढ़ने की कोशिश की. कोरोना के इलाज से लेकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ायें और मास्क कैसे पहने, मास्क कितना कारगर जैसे सवालों को ढूढ़ती जनता ने हेल्थकेयर से जुड़ी इन्फॉर्मेशन साझा करने वाली साइटों का रूख किया.

10-16 मार्च के डेटा की तुलना अगर 16-22 मार्च के बीच के डेटा से करें तो पता चलता है कि इन साइट्स पर 25 फीसदी विजिट्स बढ़े हैं.

खास बात ये है कि हेल्थकेयर रिटेल से जुड़ी साइटों पर इसी अवधि में करीब 146 फीसदी का उछाल आया है. हालांकि इसमें उछाल की शुरुआत फरवरी के तीसरे सप्ताह से ही हो गई थी.

स्पोर्ट्स साइट्स के यूजर्स में भारी गिरावट

कोरोना की वजह से दुनियाभर के न सिर्फ खेल मैदान खाली पड़े हैं बल्कि उन पर ख़बरें करने वाली साइट्स और उन्हें दिखाने वाले मोबाइल ऐप्स भी यूजर की तंगी का शिकार हैं.

स्पोर्ट्स से जुड़ी साइट्स और ऐप में सबसे बड़ी गिरावट मार्च के दूसरे सप्ताह के बाद हुई है. अगर हम 9-15 मार्च और 16-22 मार्च के बीच के डेटा को कम्पेयर करें तो खेल से जुड़ी डिजिटल वेंचर्स के यूजर में 76 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि इन पर बिताये जाने वाले समय में 87 प्रतिशत की गिरावट है.

ट्रैवल साइट्स को भारी नुकसान –

ट्रेन, बस, फ्लाइट जब सब बंद रहेंगे तो जाहिर सी बात है कि ट्रैवल से जुड़े बिजनेस भी घाटे में ही रहेंगे. चूंकि किसी को नहीं पता है कि करोना संकट कब तक खत्म होगा, इसलिए लोग मई, जून के लिए भी टिकट नहीं खरीद रहे हैं.

ट्रैवल बुकिंग करने वाली वेबसाइट्स और ऐप के 10-16 फरवरी के डेटा की तुलना अगर हम 16-22 मार्च के बीच के डेटा से करें तो पता चलता है कि इन प्लेटफॉर्म के विजिट्स में 55 फीसदी की गिरावट है.

होटल बिजनेस संकट में –

करोना की वजह से ट्रैवल के अलावा होटल बिजनेस पर बहुत बुरा असर पड़ा है. चूंकि ज्यादातर होटल बंद है इसलिए इनके लिए बुकिंग करने वाली साइट्स पर भी यूजर नहीं है. होटल बुकिंग से जुड़े वेबसाइट और ऐप पर पिछले दो महीने में 2-8 मार्च के बीच सबसे ज्यादा यूजर थे लेकिन होली के बाद ऐसी गिरावट आई जो अब भी जारी है. अगर हम 2-8 मार्च के डेटा की तुलना 16-22 मार्च के डेटा से करें तो 66 प्रतिशत की गिरावट दिखाई देती है.

कार ट्रांस्पोर्टेशन साइट्स के यूजर में गिरावट –

लॉकडाउन के दौरान जिन कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ उनमें ओला-ऊबर जैसी कंपनियां भी शामिल है. कार ट्रांस्पोर्टेशन से जुड़ी वेबसाइट और ऐप पर करीब 43 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. ये गिरावट 10-16 फरवरी और 16-22 मार्च के बीच की है.

एयरलाइन इंडस्ट्री से जुड़ी साइट पर यूनिक पैटर्न

एयरलाइन बुकिंग से जुड़ी साइट्स पर यूजर ग्राफ में यूनिक पैटर्न दिखाई देता है. फरवरी महीने के दूसरे सप्ताह के बाद इसमें लगातार गिरावट आ रही थी, लेकिन मार्च के दूसरे सप्ताह के बाद अचानक इसमें तेजी देखने को मिली. यानी की भारत में अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ान बंद होने के एक हफ्ते पहले लोगों ने एयरलाइन बुकिंग से जुड़ी साइट्स पर खूब विजिट की है.

अगर हम 10-16 फरवरी के डेटा की तुलना 24 फरवरी से 1 मार्च के बीच के डेटा से करें तो 24 फरवरी से 1 मार्च के बीच इसमें 53 फीसदी की गिरावट देखने को मिलती है.

वहीं अगर 2-8 मार्च के डेटा की तुलना 16-22 मार्च से करें तो, 16-22 मार्च के बीच इसमें 61 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई देती है.

ऑनलाइन गेम्स में रुचि बढ़ी –

ऑउटडोर गेम, ऑनलाइन गेम में शिफ्ट हो रहा है. अगर हम 10-16 फरवरी के बीच ऑनलाइन गेम खेलने वालों के डेटा की तुलना 16-22 मार्च के बीच के डेटा से करें तो इसमें 24 फीसदी की  विजिट ग्रोथ दिखाई देती है. इस दौरान ऐसी वेबसाइट और ऐप पर टाइम स्पेंट भी 21 फीसदी बढ़ा है.

बार्क डेटा में भी सिमिलर पैटर्न दिखा था

इसके पहले बार्क और नीलसन के रिसर्च में भी ऐसा ही पैटर्न देखने को मिला था. बार्क-नीलसन के डेटा के मुताबिक प्लेटफॉर्म कोई भी हो, लोगों ने जमकर न्यूज़ कन्ज्यूम किया है. टीवी पर न्यूज के दर्शकों में जहां 298 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है. कोविड-19 जब शुरू हुआ, उसके दूसरे हफ्ते में डिजिटल सेवाएं इस्तेमाल करने वाले 3 यूजर्स में से एक ने ऑनलाइन न्यूज़ कन्ज्यूम किया है. यानी की 34 फीसदी इंटरनेट मोबाइल यूजर्स ने ऐप और वेबसाइट के माध्यम से न्यूज़ कन्ज्यूम किया है. इस दौरान ऐप के यूजर 17 फीसदी और न्यूज वेबसाइट के यूजर 47 फीसदी बढ़े हैं. न्यूज़ ऐप पर टाइम स्पेंड 45 फीसदी बढ़ा है वहीं न्यूज़ वेबसाइट पर टोटल विजिट 42 फीसदी बढ़ा है.

आगे क्या हो सकता है

महामारी से जुड़ी ज्यादातर ख़बरें अब आ चुकी हैं और एक महीने से लगभग यही चल रहा है इसलिए संभव है कि कोरोना से जुड़ी ख़बरों में लोगों की रुचि अब कम हो जाए. अप्रैल के दूसरे सप्ताह से एंटरटेनमेंट से जुड़े ऐप्स पर पहले से ज्यादा स्पाइक देखने को मिल सकता है. खाली बैठे, बोर हो रहे लोग अगले कुछ दिन न्यूज़ ऐप के बजाए हॉटस्टार, अमेजन प्राइम और नेटफिलिक्स जैसे ऐप पर बीताना पंसद करेंगे.

हालांकि पिछले दिनों में इनके यूजर्स और टाइम स्पेंट बढ़ा है, जो और बढ़ सकता है.

डेटा स्रोत – ComScore, BARC, NielsenP

Pankaj Kumar