Lockdown 2 Guidelines

Lockdown-2 में गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइंस, इन कामों के लिए मिलेगी छूट

Explainer

लॉकडाउन-2 में पीएम मोदी द्वारा छूट देने की घोषणा के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसको लेकर गाइडलाइंस जारी किया है, जिसमें आम लोगों के लिए कुछ रियायतें दी गई हैं. इस गाइडलाइंस में विशेष तौर पर किसानों को राहत देने के लिए कृषि कार्यों में छूट देने का एलान किया गया है. हालांकि सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानें, मेट्रो, रेल, बस सेवा अब भी प्रतिबंधित रहेंगे. साथ ही मंत्रालय अपने गाइडलाइंस में हॉटस्पाट इलाके में सख्ती बरतने के दिशा-निर्देश दिये हैं. आइये जानते हैं 20 अप्रैल से किन चीजों में छूट मिलेगी.

किसे मिलेगी रियायतें- लॉकडाउन में सबसे बड़ी राहत सरकार ने किसानों और दिहाड़ी मजदूरों को दी है. फसल कटने के इस सीजन में लॉकडाउन की वजह से किसान परेशान थे, जिसको देखते हुए सरकार ने फसल कटाई में छूट दी है. इसके अलावा, मनरेगा के तहत  मजदूर कार्य होंगे, एपीएमसी के तहत मंडियां खुलेंगी, पेट्रोल पंप खुले रहेंगे, आवश्यक सामानों और दवाईयों का उत्पादन जारी रहेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में औघोगिक गतिविधियां जारी रहेंगी, आयुष मंत्रालय के अंदर आने वाले सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में छूट दी जाएगी. इसके अलावा,  केबल टीवी,डीटीएच,टेलीफोन समेत सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी.

गाइडलाइंस के अनुसार बिजली मैकेनिक,प्लंबर, कॉरपेंटर को इजाजत दी जाएगी, कूरियर सेवा और आवश्यक सेवाओं के लिए आने जाने की इजाजत मिलेगी, पशुपालन व मछली पालन से जुड़ी गतिविधियों में रियायत दी जाएगी, एसईजेड में औघोगिक उत्पादन जारी रहेगा, राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्यों को भी रियायत दी जाएंगी. ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई से जुड़े सड़क निर्माण कार्य,सिंचाई परियोजनाएं, बिल्डिंग्स और सभी प्रकार के औघोगिक प्रोजेक्ट को भी रियायत दी जाएगी. बैंक, एटीएम काम कर सकेंगे लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखना जरूरी है.

इन चीजों को नहीं मिलेगी छूट-  गाइडलाइंस के मुताबिक पैसेंजर्स की आवाजाही के लिए सभी तरह के परिवहन पर रोक रहेगी. सभी एजुकेशनल- ट्रेनिंग, स्कूल, कोचिंग सेंटर, इंडस्ट्रियल व कॉमर्शियल गतिविधि, होटल, टैक्सी,ऑटो रिक्शा, साईकिल रिक्शा, कैब सुविधा, सिनेमा हॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, जिमखाने, स्पोर्टस कॉम्पलेक्स, स्वीमिंग पूल, पार्क, थियेटर, बार, सभा स्थल, धार्मिक स्थलों पर  रोक रहेगी. इसके अलावा किसी भी अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं होगी. सभी सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, स्पोर्टस, मनोरंजन, एकेडमिक, धार्मिक समारोह जैसी दूसरे अन्य आयोजनो पर रोक होगी.

हॉटस्पाट एरिया में कोई रियायत नहीं दी जाएगी.- सरकार ने देश के सभी जिलों को जोन के हिसाब से बांट दिया है, जिसमें रेड जोन को सबसे खतरनाक माना गया है. रेड जोन में देश के 170 जिलों को रखा गया है. इन इलाकों में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा. इन एरिया की सुरक्षा में लगे जवान और मेडिकल स्टॉफ के अलावा किसी की भी आवाजाही की इजाजत नहीं होगी. आवश्यक सामानों की होम डिलिवरी होगी.

गृह मंत्रालय ने अपने गाइडलाइंस में लॉकडाउन तोड़ने वालों के लिए सख्त कानून बनाया है.  गाइडलाइंस में कहा गया है कि जो भी लोग नीचे दिये गये नियमों का उल्लंघन करेंगे उन्हें एक साल या उससे भी ज्यादा की सजा हो सकती है. साथ ही सरकार ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को अधिकृत कर दिया है. गृह मंत्रालय ने अपने गाइडलाइंस में उन विषयों पर भी सख्त कानून लागू किये हैं, जो हाल में काफी चर्चित रहे. आइये जानते हैं कौन से नियम का उल्लंघन करने पर एक साल तक की सजा हो सकती है.

1. सरकारी अधिकारी और कर्मचारी से दुर्व्यवहार करना पड़ेगा भारी–  केंद्र सरकार ने अपनी गाइडलाइंस में कहा है कि सरकार द्वारा अधिकृत कोई भी कर्मचारी या अधिकारी से दुर्व्यवहार करना कानून के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है. ऐसा करने वाले शख्स को एक साल की सजा या जुर्माना हो सकता है.

2. झूठे दावे करने वालों पर- मंत्रालय ने गाइडलाइंस में कहा गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति महामारी या उससे जुड़े राहत को लेकर झूठा दावा करता है तो यह भी कानून का उल्लंघन माना जायेगा. ऐसे स्थिति में दोषी शख्स को एक साल की सजा हो सकती है.

3. अफवाह फैलाना पड़ेगा भारी– लॉकडाउन के दौरान फेक न्यूज, फेक सूचना और अफवाह फैलाने वालों को एक साल या उससे अधिक समय तक के लिए जेल हो सकती है. मंत्रालय ने कहा है कि ऐसी विषम परिस्थिति में फेक न्यूज फैलाना कानूनन जुर्म है.

4. ड्यूटी से गायब रहने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई–  सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि जो भी अधिकारी कोरोना वायरस के जंग में ड्यूटी पर लगाये गये हैं, अगर उस दौरान वे गायब पाये जाते हैं तो, उनपर सख्त कार्रवाई की जायेगी. ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर एक साल की सजा या जुर्माना हो सकता है.

5.जिलाधिकारी को अधिकार- गृह मंत्रालय ने अपने गाइडलाइंस में सजा देने के लिए सभी जिलों के मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारियों को अधिकृत किया है. किसी भी तरह की स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए जिलाधिकारी स्वतः फैसला ले सकते हैं.