जैक डोर्सी ने अपने कुल सम्पत्ति का 28% दान देने की घोषणा की, आखिर कौन हैं Jack Dorsey?

Vyakti Vishesh

कोरोना वायरस ने दुनिया भर को वैश्विक महामारी की तरफ धकेल दिया है . जब ये महामारी खत्म होगी, तो दुनिया बदल चुकी होगी- ऐसा कहना है, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर का. बहरहाल वैश्विक महामारी की तरफ बढ़ते इस जंग में कई पूंजीपति दुनियाभर में दान दे रहे हैं. ताकि किसी भी तरह इस वैश्विक आपदा से धरती को छुटकारा दिलाया जाए. भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में कई पूंजीपतियों ने बड़ी रकम दान देने के अलावा कई तरह की मदद के ऑफर सरकारों को दे रहे हैं. आज  एक ऐसे ही व्यक्ति की बात करने जा रहे हैं जिन्होंने अपने कुल सम्पत्ति का 28% दान देने की घोषणा की है.

हम बात कर रहे हैं माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी की जिन्होंने 1 अरब डॉलर यानी 7,500 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है. डोर्सी ने अपने ट्वीट में कहा है कि यह रकम उनकी कुल संपत्ति का 28% है. दान की पूरी रकम उनके चैरिटी फंड स्टार्ट स्मॉल एलएलसी को दी जाएगी. बता दें की डोर्सी ने साल 2006 में ट्विटर की स्थापना की थी. वो कंपनी के को-फाउंडर हैं.

अपने ट्वीट में उन्होंने कहा- मैं ग्लोबल कोरोना वायरस से राहत के लिए अपनी स्क्वायर इक्विटी (अपनी संपत्ति का करीब 28 फीसद) 1 बिलियन डॉलर को स्टार्टस स्मॉल एलएलसी में ट्रांसफर कर रहा हूं. इस महामारी को खत्म करने के बाद हम लड़कियों के स्वास्थ्य और शिक्षा और यूबीआई पर फोकस करेंगे. यह ट्रांसपेरेंट रूप से ऑपरेट करेगा. सभी चीजें यहां से ट्रैक की जा सकती हैं.

इस पूरे फंड को कैसे खर्च किया जा रहा है. इसे कोई भी ट्रैक कर सकेगा. इसके लिए जैक ने एक लिंक शेयर किया है, जिसमें हिसाब दिया गया है.

जैक डॉर्सी से पहले मार्क जुकरबर्ग ने कोरोना को मात देने के लिए 227 करोड़ की आर्थिक मदद की थी. इससे पहले आईफोन निर्माता कंपनी एप्पल ने इटली में मेडिकल सप्लाई देने का एलान किया था. इसके अलावा अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने भी 100 मिलियन डॉलर की मदद की थी. जेफ बेजोस की बात करें तो वो दुनिया के सबसे अमीर आदमी हैं.

अगर वैश्विक आंकड़ों की बात की जाए तो माना जा रहा है कि अभी तक कोरोना के खिलाफ करीब 9 लाख करोड़ रुपए दान किए जा चुके हैं.

अब जानतें हैं कौन हैं डोर्सी और उन्होंने ट्विटर की शुरुआत कैसे की-  19 नवंबर 1976 को अमेरिका के सेंट लुइस में पैदा हुए डोर्सी के पिता स्पेक्ट्रोमीटर्स बनाने वाली कंपनी में काम करते थे. दिलचस्प है कि किशोरावस्था में डोर्सी पार्ट टाइम मॉडलिंग भी किया करते थे. डोर्सी न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के ड्रॉपआउट हैं. 1999 में ग्रेजुएशन पूरा होने के एक सेमेस्टर पहले ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी. डोर्सी के मुताबिक उन्होंने ग्रेजुएशन के दौरान ही ट्विटर का आइडिया जेनेरेट कर लिया था.

डोर्सी प्रोग्रामर थे और उन्होंने एक लॉजिस्टिक सॉफ्टवेयर भी विकसित किया था. यूनिवर्सिटी छोड़ने के बाद उन्होंने ओकलैंड में एक कंपनी की शुरुआत की जो कूरियर डिस्पैच करती थी. डोर्सी की कूरियर कंपनी में डिस्पैच किए गए सामान को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता था. इसी दौरान उनके दूसरे प्रोजेक्ट भी चल रहे जिनमें इंटरनेट सेवाओं के जरिए दवाएं पहुंचाना शामिल था

फिर कुछ सालों बाद बिज स्टोन (ट्विटर के को फाउंडर) के साथ मिलकर डोर्सी ने ट्विटर का प्रोटो टाइप तैयार किया था. बाद में कुछ अन्य लोगों के सहयोग और फंड के साथ ट्विटर की शुरुआत हुई थी. आज ट्विटर की सफलता दुनिया के सामने है. ट्विटर के अलावा डोर्सी स्वायर नाम की मोबाइल पेमेंट कंपनी के भी सीईओ हैं.