Movie Review: Netflix पर रिलीज हुई Mrs Serial Killer कैसी फिल्म है?

Explainer

निर्देशक शिरीष कुंदर की फिल्म Mrs Serial Killer, Netflix पर रिलीज हो चुकी है. कुंदर इसके पहले जोकर, जान-ए-मन और कृति जैसी फिल्मों का निर्देशन भी  कर चुके हैं. हाल ही में आई इनकी फिल्म मिसेज सीरियल किलर एक थ्रिलर, सस्पेन्स और ट्रेजेडी से भरी हुई फ़िल्म है. इस फ़िल्म की अवधि 116 मिनट है. जिन लोगों को इस तरह की फिल्मे पसन्द है उन लोगों को ये फ़िल्म आखिर तक बांध कर रखेगी.

फिल्म की कहानी: इस फ़िल्म के शुरुआत में जैकलीन फर्नांडिस एक लड़की को टॉर्चर करते हुए दिखाई  देती हैं. यह देखकर आप सोचने लगेंगे की आखिरकार वो ऐसा क्यों कर रही हैं? और फिर यही सीन आपको फ़िल्म के बीच मे दिखाई देता है फिर पता चलता है कि ऐसा वो क्यो कर रही थी.

फ़िल्म की कहानी कुछ यूं शुरू होती है मिसेज सोना मुखर्जी (Jacqueline Fernandez) के घर पुलिस इंस्पेक्टर (महेश रैना) आते है और उनके घर कुछ सामान चुरा कर ले जाते हुवे दिखाई देते हैं जिसे सोना देख लेती है लेकिन फिर भी कुछ कर नही करती है. घर मे घुसने और निकलने के बीच मिसेज मुखर्जी और इंस्पेक्टर के बीच बहस होती है तब यह पता चलता है कि इन दोनों के बीच किसी समय कोई न कोई रिश्ता जरूर था. उसके दूसरे ही दिन डॉ मृत्युंजय मुखर्जी( Manoj Bajpai) के किसी पुराने घर से छः लाशें मिलती है जिसके आधार पर डॉ मुखर्जी को एक सीरियल किलर के रूप में गिरफ्तार कर लिया जाता है.

ये सभी कत्ल एक ही तरह से हुए रहते है. जिनका कत्ल होता है, वे सभी लड़किया होती हैं और वे सभी शादी से पहले गर्भवती रहती है. उन सभी का गर्भपात कर बुरी तरह से कत्ल किया गया होता है. डॉ मृत्युंजय मुखर्जी एक गैनोकोलोगिस्ट हैं. जिनके ऊपर सीधा शक पुलिस का जाता है क्योंकि एक गैनोकोलोगिस्ट ही किसी का गर्भपात कर सकता है. डॉ मुखर्जी के ऊपर अदालत में इस्पेक्टर उन्ही चीजो को सबूतों के रूप में पेश करता है जिन चीजों को वह डॉ मृत्युंजय के घर से चुरा कर लाता है. जिसके कारण डॉ मृत्युंजय को बेल नही मिल पाने के कारण सजा हो जाती है.

Mrs. Serial Killer
Mrs. Serial Killer

इतना देखने पर साफ दिखाई देता है कि डॉ मृत्युंजय को इन कत्लों के लिए फसाया गया हैं. फिर सोना अपने पति को बेगुनाह साबित करने के लिए क्या-क्या करती है ये देखते ही बनता है. असल मे सीरियल किलर कौन है और वह ये सब क्यों करता है? ये जानने के लिए आपको ये फ़िल्म पूरी देखनी पड़ेगी.

फिल्म की कहानी की बात करे तो ये अंत तक बांध कर रखती है. फिल्म के कुछ दृश्य आपको  विचलित भी कर सकते है. पूरे फ़िल्म में एक जगह एक ऐसा दृश्य है जहाँ पर सोना ब्रेड पर क्लोरोफार्म डालकर एक कुत्ते को खिला कर ये देखना चाहती है कि उसके ऊपर क्लोरोफार्म का क्या असर होता है. वही उसके पहले एक ऐसा भी दृश्य आता है जिसमे वह किसी मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट्स को पढ़ाती हुई नजर आती जो कुछ अजीब सा लगता है.

Mrs. Serial Killer
Mrs. Serial Killer

ये फिल्म शिरीष कुंदर ने खुद लिखी है, इसका निर्देशन, क्रिएशन और यहां तक कि म्यूजिक भी उन्होंने खुद ही दिया है.  इसके साथ सभी कलाकारों ने अपने किरदार बखूबी तरह से अभिनीत किया किया है.

क्रिटिक: मिसेज सीरियल किलर जैकलीन पहली फ्रेम से ही नकली लगती है. अपने किरदार को पूरी तरह से संतुष्ट नही कर पाती है. कुछ जगहों पर उनका अभिनय नाटकीय लगता है. मनोज बाजपेयी अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से अभिनीत करते हुए नजर आते है और वही महेश रैना ने भी अपने किरदार को बखूबी अच्छे से निभाया हैं. फ़िल्म के डायलॉग अच्छे है लेकिन कोई जुबान पर शायद ही चढ़ पाए. फिल्म की कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है फिल्म का ग्राफ नीचे की ओर आने लगता है. न सस्पेंस का मजा आता है और न ही थ्रिल देख रोंगटे खड़े होते हैं.