दयानंद सरस्वती : मूर्ति पूजा का विरोध किया, सत्यार्थ प्रकाश लिखा…एक वेश्या ने जहर देकर मार दिया

महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती का जन्म 12 फरवरी, 1824 को गुजरात के एक छोटी सी रियासत मोरवी के टंकारा गांव

धर्म : माघ पूर्णिंमा में स्नान, जप-तप और यज्ञ से मिलता है भगवान के हृदय में स्थान

माघ पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में बड़ा ही धार्मिक महत्त्व बताया गया है. वैसे तो हर पूर्णिमा

इन 4 लोगों की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, भगवान शिव ने पार्वती को बताया था

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस में शिवजी और पार्वती का एक प्रसंग है, जिसमें भगवान शिवजी 4 ऐसे लोगों

तंत्र को अंग्रेजी में ऑकल्ट कहा जाता है, जानिए तंत्र-मंत्र अंधविश्वास है या विद्या है ?

वर्तमान समय में तंत्र विद्या के सच्चे जानकार बहुत कम बचे है अधिकतर ढोंगी तांत्रिक होते है जिन्हें तंत्र विद्या