बाढ़ में डुबा चीन का Zhengzhou शहर, बचाव के लिए तैनात किए गए 5,700 सैनिक

पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर पलटी हुई कारों और चीन के सबवे और सड़कों पर बाढ़ में फंसे लोगों के तस्वीरें वायरल हो रही हैं. 1.2 करोड़ आबादी वाले Zhengzhou शहर में एक मेट्रो लाइन के अंदर यात्रियों के गले इतना पानी भर गया है.

चीन के मध्य हेनान प्रांत में पिछले 1000 साल बाद इतनी भारी बारिश हुई है जिसकी वजह से अब तक 12 सबवे पेंसेजर सहित 25 लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों के मुताबिक Zhengzhou में शनिवार से मंगलवार तक 617.1 मिमी बारिश दर्ज की गई. जो Zhengzhou शहर में सालाना होने वाली बारिश (640.8मिमी) के बराबर है.

Source- The World

चीनी मीडिया के अनुसार, बाढ़ से कुल 1.24 मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं. और 1,60,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है. सात लोग अभी लापता हैं, जबकी दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है. बारिश का पानी सबवे, सड़कों, होटलों और बड़ी इमारतों में भर गया है. जिसके कारण सार्वजनिक परिवहन ठप हो गया है. बौद्ध भिक्षुओं का शाओलिन मंदिर भी भीषण बाढ़ के चपेट में आ गया है. भारी बारिश के कारण कई बांध टूट गए हैं. लुओयांह शहर के स्थानीय अधिकारियों ने यिहेतान बांध में 20 मीटर टूटने की खबर दी.

चीन के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले तीन दिन हेनान प्रांत में और बारिश होने की संभावना है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खोज और बचाव के लिए बीजिंग से लगभग 650 किमी दक्षिण पश्चिम के शहर में 5,700 पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों को तैनात किया है.

Source- Amar Ujala

न्यूज चैनल CGTN पर Zhengzhou शहर में फायरब्रिगेड वालों ने एक स्कूल से 150 बच्चों और कर्मचारियों को बचाते हुए दिखाया गया. चीन में मूसलाधार बारिश होने के कारण अस्पताल और स्कूल बंद हैं. वहीं फंसे हुए लोगों के लिए पुस्तकालय, सिनेमाघर और संग्रहालय में आश्रय दिया जा रहा है. रायटर्स के मुताबिक Zhengzhou शहर में 7,000 से अधिक बेड वाले अस्पताल ने अपनी शक्ति खो दी है यहां तक कि बैकअप आर्पूति भी बंद कर दी गई है.

भारी बारिश के लिए टाइफून इन-ला जिम्मेदार-

साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट के मुताबिक भारी बारिश के लिए टाइफून इन-फा (चक्रवात) जिम्मेदार है. आंधी और तेज हवा की धाराओं के कारण सबसे ज्यादा बारिश Zhengzhou शहर में हुई.

हालांकि चीन के लिए बाढ़ कोई नयी बात नहीं है. देश में हर साल बाढ़ आती है और जान-माल का नुकसान होता है. लेकिन पिछले कुछ सालों में जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण के कारण हालात पहले से और खराब हुए हैं. जैसे-जैसे जमीन कंक्रीट से ढकती गयी वैसे-वैसे जल-जमाव का खतरा बढ़ता गया. पिछले साल चीन में बाढ़ के कारण 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 25 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान हो गया.

Zhengzhou शहर पीली नदी के किनारे बसा है. पीली नदी चीन की दूसरी सबसे बड़ी नदी है. इस कारण Zhengzhou में बाढ़ पर काबू पाना कठिन हो जाता है. यहां बाढ़ को काबू करने के लिए बांध बनाए गए हैं. लेकिन भारी बारिश होने के कारण यह बांध टूट जाता है.

Source- AajTak

जलवायु परिवर्तन से अन्य देशों को भी खतरा-

जलवायु परिवर्तन के कारण पूरी दुनिया में मौसम अपने चरम पर है. अमेरिका और कनाडा सहित अन्य पश्चिमी देश इस वक्त भीषण गर्मी के चपेट में हैं. वहीं पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित जैकोबाबाद में तापमान 52 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है.

जर्मनी भी इस वक्त बाढ़ का सामना कर रही है. पश्चिमी यूरोप में कम से कम 196 लोग मारे गए है. अगर भारत की बात करें तो यहां के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर एक के बाद एक तौकता और यास चक्रवात आया है. भारत के आधे हिस्सों में मानसून सही रहा. वहीं हरियाणा, पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों में भीषण गर्मी हो रही है.