देश के 11 राज्यों में डेल्टा प्लस के 50 मामलों की हुई पुष्टि

केंद्र सरकार ने 25 जून को बताया कि देश में अभी कोरोना की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है. इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन राहत की बात है कि मौजूदा दोनों वैक्सीन (कोवैक्सीन और कोवीशील्ड) कोरोना के सभी वैरिएंट पर कारगर है.

डॉ. भार्गव के मुताबिक डेल्टा प्लस वैरिएंट अभी 12 देशों में मौजूद है. वहीं भारत में 11 राज्यों में 50 मामलों की पुष्टि हुई है. वैज्ञानिक डेल्टा प्लस वैरिएंट पर वैक्सीन की प्रभावकारिता पर अभी भी रिसर्च कर रहे हैं. डॉ. भार्गव के अनुसार वैक्सीन की प्रभावकारिता अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के आधार पर ही डेल्टा प्लस की भी की जा रही है.

क्या प्रेंग्नेंट महिलाएं लगवा सकती हैं वैक्सीन-

डॉ. भार्गव ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन दी जा सकती है. छोटे बच्चों को वैक्सीन देने के सवाल पर डॉ. भार्गव ने कहा कि बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभी अधिक डेटा नहीं है. अभी हम बच्चों को बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान में शामिल करने की स्थिति में नहीं हैं. अंतरर्राष्ट्रीय संस्थाएं भी अभी तक बच्चों को टीका लगाने के पक्ष में एकमत नहीं है. यूएस में बच्चों को वैक्सीन लगाया जा रहा है. हालांकि भारत में 2 से 18 साल के बच्चों पर कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रॉयल किया जा रहा है. इस पर व्यापक डेटा सितंबर-अक्टुबर तक जारी किया जाएगा.

Source- The Financial Express

90 प्रतिशत केस डेल्टा वैरिएंट के हैं-

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के डायरेक्टर डॉं. एस. के. सिंह के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में 90 प्रतिशत मरीज डेल्टा वैरिएंट वाले थे. हालांकि अभी देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले बहुत कम हैं.

देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 174 जिलों में वैरिएंट ऑफ कंसर्न की पहचान हुई है. सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, पश्चिम बंगाल और पंजाब में मिले हैं. वहीं महाराष्ट्र पहला ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा लोगों (3 करोड़) को टीका लगाया गया है.

Source- The Quint

दूसरी लहर में 776 डॉक्टरों की हुई कोरोना से मौत-

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार दुसरी लहर के दौरान कोरोना से 776 डॉक्टरों की मौत हो गई. दुसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा मौत बिहार में हुआ. यहां 115 डॉक्टरों की कोरोना से मौत हो गई. वहीं दिल्ली में 109 डॉक्टरों की मौत हो गई.तीसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश आता है यहां कोरोना से 79 डॉक्टरों की जान चली गयी. इसके बाद पश्चिम बंगाल में 62, तमिलनाडु में 50, आंध्र प्रदेश में 40, असम में 10, गुजरात में 39, झारखंड में 39, मध्य प्रदेश में 16, महाराष्ट्र में 23, ओडिशा में 34 राजस्थान में 44 और तेलंगाना में 37 डॉक्टरों की कोरोना से मौत हो गई.