आधुनिक विज्ञान की देन है एलोपैथी, हर बीमारी का इलाज संभव

हाल ही में बाबा रामदेव ने एलोपैथी दवाओं को लेकर विवादित बयान दिया था. बाबा रामदेव ने कहा था कि अगर एलोपैथी दवाएं कारगर है तो फिर डॉक्टर क्यों बीमार पड़ते हैं. कोरोना के इलाज में एलोपैथी दवाओं को भी लेकर बाबा रामदेव ने तंज कसा था. गौरतलब है कि एलोपैथ आधुनिक विज्ञान की देन है.

पहली बार 1810 में एलोपैथ शब्द का इस्तेमाल-

साल 1810 में जर्मन चिकित्सक सैमुअल हेनिमैन ने एलोपैथ शब्द का प्रयोग किया था. यह शब्द ग्रीक भाषा से आया है. एलोस का मतलब अलग और पैथोज का मतलब सफरिंग होता है. ऐलोपैथिक दवाएं होमियोपैथिक दवाओं से अलग होती हैं. एलोपैथ में किसी लक्षण के विपरित या दूसरे शब्दों में कहें तो उस लक्षण को दबाने की दवाएं दी जाती हैं. वहीं होमियोपैथिक मेंं जिसके कारण बीमारी होती है उसकी दवा दी जाती है.

शुरुआत में विरोध का करना पड़ा था सामना-

शुरुआत में एलौपेथ को विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन जल्द इसने मुख्य चिकित्सा प्रणाली की जगह ले ली. एलोपैथ के तहत डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, या दूसरे हेल्थकेयर प्रोफेशनल डिग्री और लाइसेंस लेकर प्रैक्टिस करते हैं. एलोपैथ के तहत सर्जरी, रेडिएशन थैरेपी आदि की जाती है. एलोपैथ, सफल सर्जरी के लिए भी जाना जाता है. वहींं वर्तमान में होमियोपैथी, नैचुरोपैथी, यूनानी और आयुर्वेद में सर्जरी नहीं की जाती है.

Source- Homeobook

ऐलोपैथ में एंटीबॉयोटिक दवाएं दी जाती हैं, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, आदि से जुड़ी बीमारियों की कारगर दवाएं एलोपैथ में उपलब्ध है. हार्मोन से संबंधित दिक्कतों में भी एलोपैथ की दवाएं सफल हैं.

प्रिवेंटिव मेडिसीन-

ऐलोपैथ में प्रिवेटिव मेडिसीन का अर्थ है कि कोई बीमारी होने से पहले ही उसे बढ़ने से रोक देना. अमेरिकन कॉलेज ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसीन की स्टडी से पता चला कि शुरुआत में ऐसी कोई दवा या टीका नहीं था जिससे बीमारी के होने से पहले ही रोका जा सके.

Source- Diabetes health

एलोपैथ पर लोगों का भरोसा होने का करने का प्रमुख कारण है इसका पूरा हेल्थकेयर सिस्टम. एलोपैथ में प्रशिक्षित और अनुभवी डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट होते हैं. ऐलोपैथ में किसी दवा को देने से पहले उसकी कई चरण में क्लिनिकल रिसर्च और अंत में मानव पर परीक्षण होता है ताकि बाद में दवा से किसी प्रकार खतरा न उत्पन्न हो. इसके अलावा दवाओं का ट्रायल तय किया जाता है जिससे यह पता चलता है कि कौन सी दवा, किस आधार पर और किसे कितनी खुराक देनी है.

Source- Diabetes

अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं रखती हैं नजर-

ऐलोपैथिक दवाएं, अस्पताल आदि पर कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं नजर रखती हैं. फू़ड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और अमेरिका मेडिकल एसोसिएशनऐसी ही संस्थाएं हैं. वहीं आयुर्वेद, होमियोपैथ या किसी अन्य संस्थाओं में इसका अभाव देखने को मिलता है.

ऐलोपैथ की वैकल्पिक विधिया-

एलोपैथ के अलावा बहुत से लोग अन्य विधियों से भी इलाज करवाते हैं. इसे कॉम्प्लमेंटरी एंड अल्टरनेटिव मेडिसीन (CAM) कहा जाता है. हॉपकिन्स मेडिसीन वैबसाइट के मुताबिक अमेरिकी में 38 प्रतिशत व्यस्क और 12 प्रतिशत बच्चे एलोपैथ के स्थान पर दूसरी विधियों से अपना इलाज करवाते हैं.वैकल्पिक इलाज में आयुर्वेद, होमियोपैथी, युनानी, नैचुरोपैथी, एक्युप्रेशर, एक्युपक्चर, चाइनीज मेडिसीन आदि आते हैं.