चीन में मिला बर्ड फ्लू के नए स्ट्रेन का वायरस, जानिए क्या है इसके लक्षण

चीन के शिनजियांग शहर में बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है. यहां एक मरीज में बर्ड फ्लू के H10N3 स्ट्रेन पाया गया है. इस बात की पुष्टि चीन की नेशनल हेल्थ कमीशन ने किया है. कोरोना के बाद अब चीन बर्ड फ्लू के कारण सवालों के घेरे में है. चीन के शिनजियांग में एक महीने पहले 41 साल का एक शख्स अस्पताल पहुंचा था जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह बर्ड फ्लू के H10N3 स्ट्रेन से ग्रसित है. उस शख्स को तेज बुखार जैसें लक्षण थे.

बर्ड फ्लू में भी कई प्रकार के स्ट्रेन-

कोरोना की तरह ही बर्ड फ्लू में भी कई प्रकार के स्ट्रेन होते हैं. H10N3 इन्हीं स्ट्रेनों में से एक है. हालांकि दुनिया में संभवत इस स्ट्रेन का यह पहला मामला है. चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन का मानना है कि ये स्ट्रेन बाकि स्ट्रेन से कमजोर है और इस स्ट्रेन से कम खतरा है. अब तक 5 स्ट्रेन का पता चला है जो इंसानों को प्रभावित करती है, ये H7N3, H7N7, H7H9, H9N2 और H5N1 है. यह वायरस अपने आप को जिंदा रखने के लिए अपना स्ट्रेन बदलता रहता है.

अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन(CDC) के अनुसार कमजोर स्ट्रेन वाला मामला केवल पक्षियों तक ही सीमित रहता है लेकिन यह स्ट्रेन इंसानों तक कैसे पहुंची इसे लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है. संस्था ने बताया कि इस स्ट्रेन के बारे में अभी यह नहीं पता है कि यह कितना संक्रामक या घातक हो सकता है.

source-business insider india

कई अन्तर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाएं बर्ड फ्लू के इस नए स्ट्रेन को लेकर सजग हो गई हैं और इसे लेकर रिसर्च भी शुरू कर दिया है.

बीमार पछियां फैला सकती हैं बर्ड फ्लू-

बर्ड फ्लू के कई स्ट्रेन वातावरण में पहले से ही मौजूद होते है लेकिन उनमें से कुछ ही इंसानों में फैलते है. बर्ड फ्लू को एवियन इंफ्लूएंजा भी कहते हैं. यह टाइप ए वाले वायरस से फैलती है. यह वायरस बीमार पक्षियों के कारण फैलता है.

1997 में बर्ड फ्लू का पहला मामला-

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार साल 1997 में हांगकांग में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया था. उस दौरान तकरीबन 60 प्रतिशत लोगों की इससे जान चली गई.

source-Al Jazeera

बर्ड फ्लू के लक्षण-

इंसानों में बर्ड फ्लू सामान्य संक्रमण जैसा ही होता है. बर्ड फ्लू होने पर सांस लेने में दिक्कत होने लगती है इसके अलावा उल्टी, कफ बनना, नाक बहना, सिर में दर्द रहना, मांसपेशियों में दर्द, डायरिया, गले में सूजन, जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है.

बचाव-

संक्रमित और मरे हुई पछियों से दूर रहे. अगर आपके इलाके में बर्ड फ्लू का संक्रमण बढ़ रहा है तो उस वक्त शाकाहारी खाना खाए. अगर मांस खरीद रहे हैं तो उस वक्त साफ-सफाई का ध्यान दे. संक्रमित जगहों पर मास्क पहन कर निकलें.