आजादी के बाद पहली बार नहीं छपेगा बजट, वित्त मंत्री ऐसे पेश करेंगी आम बजट

आजादी के बाद ऐसा पहली बार होगा जब बजट की प्रिंट कॉपिया नहीं छपेगी. कोरोना की वजह से इस बार बजट की प्रिंट कॉपियां नहीं छापने का फैसला लिया गया है. इस बार बजट सॉफ्ट कॉपी के रूप में होगा.

पेपरलेस बजट-

हर साल बजट की कॉपी छापी जाती थी. सांसदों और मीडिया के लिए बजट की कॉपियां छापने का प्रावधान था, पर वित्त वर्ष 2021-22 का बजट इस बार पेपरलेस होगा. गौरतलब है कि एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. सांसदों को भी इस बार बजट की सॉफ्ट कॉपी दी जाएगी. केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार आम बजट और इकोनॉमिक सर्वे के दस्तावेज भी नहीं छपेंगे. इस बार आम बजट और इकोनॉमिक सर्वे की सॉफ्ट कॉपी दी जाएगी.

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बजट छापने का कार्य वित्त मंत्रालय का होता है. इसे छापने में गोपनीयता का ध्यान रखा जाता है. बजट छपने से 15 दिन पहले वित्त मंत्रालय को पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है और वित्त मंत्रालय में कार्यरत 100 कर्मचारियों को बजट छपने तक उन्हें उनके परिवार से अलग कर दिया जाता है. बजट वित्त मंत्रालय के प्रेस में ही छापा जाता है.

इस साल संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा. जबकि दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा.

बजट-

बजट शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द बूजट से निकाला है जिसका अर्थ है चमड़े का थैला या झोला. साल 1733 में ब्रिटिश वित्त मंत्री सर रॉबर्ट वालपोल ने वित्तीय प्रस्तावों से संबधित कागज, संसद के सामने पेश करने के लिए एक चमड़े के थैले से निकाला तो मजाक उड़ाते हुए ये कहा गया कि बजट खोला गया है.