मोदी सरकार में भी कम नहीं हुआ भ्रष्टाचार, करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भारत को मिला 86वां स्थान

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने गुरुवार को ‘2020 करप्शन परसेप्शन इंडेक्सजारी’ किया. यह एजेंसी दुनियाभर के देशों के भ्रष्टाचार की रैंकिग जारी करती है. भारत 180 देशों में 86वें स्थान पर है. भारत को 100 में से केवल 40 अंक प्राप्त हुए. वहीं चीन की रैंकिंग 78 है. साल 2019 में भारत करप्शन इंडेक्स में 41 अंकों के साथ 80वें स्थान पर था. सबसे बेहतरीन स्थिति यानी सबसे कम भ्रष्टाचार न्यूजीलैंड में है. न्यूजीलैंड 100 में से 88 अंक के साथ पहले स्थान पर है. इतने ही अंक डेनमार्क के भी हैं और न्यूजीलैंड के साथ यह देश भी पहले स्थान पर है.

करप्शन परसेप्शन इंडेक्स के मुताबिक इस बार कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए रैंकिंग जारी किया गया है. करप्शन पर्सेप्शन्स इंडेक्स में जिन देशों को 100 में से सबसे ज्यादा अंक मिलते है वो सबसे कम भ्रष्ट देश माना जाता है और जिन देशों को कम अंक मिलते हैं वो भ्रष्ट देश माने जाते हैं.

source- CORRUPTION PERCEPTIONS INDEX

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भी कम नहीं हुआ भष्टाचार-

साल 2004 से साल 2013 तक यूपीए की मनमोहन सिंह की सरकार और साल 2014 से अब तक की मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की तुलना की जाए तो मोदी सरकार में भष्टाचार के मामले में कुछ खास सुधार नहीं हुआ है. साल 2006-07 के दौरान भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ था और उस वक्त भारत 70वें स्थान पर था. साल 2013 में भष्टाचार के मामले उछाल आया और भारत 94वें स्थान तक पहुंच गया था. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में सबसे अच्छी स्थिति साल 2015 में थी. उस वक्त भारत की रैंकिग 76वीं थी.

पड़ोसी देश भ्रष्टाचार के मामले पर किस स्थान पर हैं-

भारत के पड़ोसी देशों में पाकिस्तान 114वें, म्यांमार 137वें, भूटान 146वें, नेपाल 117वें, श्रीलंका 94वें, चीन 78वें, अफगानिस्तान 165वें और बांग्लादेश 146वें स्थान पर है.

वे देश जिसमें पिछले साल के मुकाबले भ्रष्टाचार बढ़ा है-

ऐसे 22 देश हैं, जहां पिछले साल की अपेक्षा तेजी से भ्रष्टाचार बढ़ा है. इनमें मलावी (129), माल्टा (52) और पोलैंड (45) शामिल हैं.