कर्ज के दबाव से किसान पिता-पुत्र ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

कर्ज के दबाव के चलते पंजाब में किसान पिता और पुत्र ने आत्महत्या ली. पिता-पुत्र ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार मोदी सरकार को ठहराया है. सुसाइड नोट में मोदी सरकार के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी जिम्मेदार ठहराया है. सोसाइड नोट लिखा है कि सरकार किसानों को धोखा दे रही है. मोदी सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी हमारा कर्ज नहीं माफ किया है.

यह मामला पंजाब के होशियारपुर जिले के मुहद्दीपुर गांव का है. पिता-पुत्र की पहचान नंबरदार जगतार सिंह(70) और उनके बेटे कृपाल सिंह(40) के रूप में हुई है. जगतार सिंह गांव के सरपंच भी रह चुके हैं. दोनों पिता-पुत्र किसान आंदोलन में सक्रिय थे और सिंघु बार्डर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल भी हुए थे.

Source- The Indian Express

द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जगतार सिंह के पास 3 एकड़ जमीन थी. जिनमें से एक- एक एकड़ अपने दो बेटों के नाम कर दी थी और अपने हिस्से की एक एकड़ जमीन कुछ साल पहले कर्ज चुकाने के लिए बेच दिया था. जगतार सिंह और उनके छोटे बेटे पर 6.50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था. जबकी जगतार सिंह के बड़े बेटे इंद्रजीत अपने पिता से अलग रहते थे.

इन्द्रजीत ने बताया कि पिता और भाई की मौत के बात उनके घर एक नोटिस आया था. यह नोटिस उस्मान शहीद मल्टीपरपज कॉपरेटिव सोसायटी का था. इस नोटिस के अनुसार कृपाल सिंह ने 1,67,365 रुपये का लोन लिया था जो 31 जुलाई साल 2018 से डिफॉल्टर हो चुका है. अब ब्याज मिलाकर 2,05,418 रुपये अगर नहीं चुकाए गए तो उनकी मकान नीलाम कर दी जाएगी. वहीं सोसायटी के सचिव अमृत सिंह का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह की नोटिस की जानकारी नहीं है.

3 महीने में करीब 200 किसानों की मौत-

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को लगभग 90 दिन हो गए हैं. किसान 26 नवंबर से ही दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर आंदोलन कर रहें हैं. आंदोलन में शामिल हुए 200 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है. कुछ किसानों ने आत्महत्या कर ली. वहीं कुछ किसानों की मौत हार्ट अटैक और ठंड की वजह से हुई.