पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार – पीएम मोदी

राजस्थान के श्रीगंगानगर में प्रीमियम पेट्रोल के बाद सामान्य पेट्रोल का दाम भी 100 रुपये लीटर से ज्यादा हो गया है. देशभर के कई राज्यों में पेट्रोल की कीमतें 100 के करीब है. बढ़ती हुई कीमतों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकारों को दोषी ठहराया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर पिछली सरकारें ऊर्जा आयात की निर्भरता पर ध्यान दी होतीं तो आज मध्यम वर्ग के लोगों पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का बोझ नहीं पड़ता.

सरकार ने साल 2019-20 में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए 85 प्रतिशत पेट्रोलियम और 53 प्रतिशत तक गैस का आयात किया था. प्रधानमंत्री ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है. एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने से हासिल होता है. इससे कच्चे तेल की आयात में कटौती की जा सकेगी और इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस के जवाब में कहा कि पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों के पीछे केंद्र सरकार का हाथ है.

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस वक्त तेल की कीमतों के बजाय मांग बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए. गौरतलब है कि तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने प्रतिदिन 10 लाख बैरल तेल की कटौती करने का ऐलान किया. जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है. यह कदम सऊदी अरब ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक और रूस सहयोगी देश ओपेक प्लस के साथ हुए समझौते के कारण किया. वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत तकरीबन 63.57 डॉलर प्रति बैरल है. जो पिछले एक साल की सबसे ज्यादा कीमत है.

11वीं IEA IEF ओपेक की बैठक में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान मे कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में कच्चे तेल के दामों में वृद्धि के कारण मांग में गिरावट पहले की तुलना में और बढ़ गई है. इससे ग्लोबल इकोनॉमी की रिकवरी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर सरकार कुछ नहीं कर सकती है.