Economic Survey क्या है और इसे बजट से एक दिन पहले क्यों पेश किया जाता है?

बजट सत्र शुरू होने से पहले संसद में एक दस्तावेज पेश किया जाता है जिसे इकोनॉमिक सर्वे या आर्थिक सर्वेक्षण कहते हैं. इकोनॉमिक सर्वे के दौरान यह पता चलता है कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान कितना खर्च हुआ था और इसके अलावा इसमें आने वाले सालों के लिए इसमें सुझाव, चुनौती और समाधान होता है.

इकोनॉमिक सर्वे वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक अफेयर्स विभाग द्वारा तैयार किया जाता है. चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर यानी CEA की देख-रेख में इकोनॉमिक सर्वे को तैयार किया जाता है. वर्तमान में  चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉक्टर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम हैं.

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पहली बार इकोनॉमिक सर्वे 1950-51 के बजट सत्र के दौरान पेश किया गया था. साल 1964 तक इकोनॉमिक सर्वे को बजट के साथ पेश किया जाता था. इसके बाद इसे बजट से एक दिन पहले पेश किया जाने लगा. वर्तमान में इकोनॉमिक सर्वे को बजट सत्र से 2 दिन पहले पेश किया गया है.

क्या इकोनॉमिक सर्वे जरूरी है-

इकोनॉमिक सर्वे से पता चलता है कि पिछले साल वित्त वर्ष के दौरान कितना खर्च हुआ था और आने वाले सालों में बजट पर कितना खर्च होगा. उदाहरण के तौर पर पिछले साल इकोनॉमिक सर्वे ने सुझाव दिया था कि साल 2025 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर खर्च करना पड़ेगा.

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क्या सरकार के इसे मानने के लिए बाध्य है-

बजट के लिए इकोनॉमिक सर्वे पेश करना जरूरी नहीं है. इसके अलावा इकोनॉमिक सर्वे में दिए गए सुझावों और सिफारिशों को मानने के लिए सरकार बाध्य नहीं है. अगर सरकार चाहे तो इसके सारे सुझावों को खारिज भी कर सकती है. हालांकि यह परंपरा रही है कि बजट पेश होने से पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाता है. इसकी यह भी एक खासियत है कि इससे पिछले सालों का लेखा-जोखा पता चलता है जिसके अनुरूप आने वाले साल का बजट तैयार किया जाता है.

दो पार्ट में पेश होता है इकोनॉमिक सर्वे-

साल 2014-15 से पहले इकोनॉमिक सर्वे एक ही पार्ट में पेश किया जाता था. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता में आने के बाद इसे दो पार्ट में पेश किया जाने लगा. समान्यतः पहले पार्ट में अर्थव्यवस्था की आने वाली चुनौतियों के बारे में होता है और दूसरे पार्ट में मुख्य सभी क्षेत्रों के बारे में होता है. इसके अलावा इकोमॉनिक सर्वे में सांख्यिकी गणनाएं भी होती हैं जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के आंकड़े दिए गए होते हैं.