ईरान के नये राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी कौन हैं जिन पर 5000 लोगों की सामूहिक हत्या का आरोप लगा

हाल ही में ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए. जिसमें ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली ख़मेनेई के करीबी इब्राहीम रईसी ने बड़े अंतर से चुनाव जीत लिया. आने वाले अगस्त महींने में इब्राहीम रईसी मौजूदा राष्ट्रपति हसन रूहानी की जगह लेंगे. इब्राहीम रईसी ईरान के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं. हालांकि इब्राहिम रईसी को अति-रूढ़िवादी और कंट्टरपंथी माना जाता है.

कौन हैं इब्राहीम रईसी –

इब्राहीम रईसी का जन्म एक मौलवी परिवार में साल 1960 में ईरान के मशहद शहर में हुआ था. मशहद शहर में शियाओं की दूसरी सबसे पवित्र मस्जिद है. इब्राहीम रईसी जब पांच साल के थे तब उनके पिता का निधन हो गया. रईसी ने 15 साल की उम्र में कोम शहर स्थित एक शिया संस्थान में पढ़ाई शुरू की. अपने छात्र जीवन में रईसी ने पश्चिमी देशों से समर्थित मोहम्मद रेजा शाह के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था. इब्रहीम रईसी बचपन से ही शिया परंपरा के मुताबिक काली पगड़ी पहने हैं. यह काली पगड़ी बताती है कि वो पैगंबर मुहम्मह के वंशज हैं.

ईरान के गृह मंत्रालय के अनुसार रईसी को चुनाव में 62 प्रतिशत वोट मिले. वहीं देश में मतदान कुल 48.8 प्रतिशत ही हुआ था. जो ईरान के इतिहास में अब तक का सबसे कम मत प्रतिशत है.

हालांकि कई लोग इब्राहीम रईसी की जीत से खुश नहीं हैं. मानवाधिकार संस्थाएं राष्ट्रपति चुनाव में इब्राहीम रईसी पर घपलेबाजी का आरोप भी लगा रही हैं. उनका मानना है कि रईसी ने चुनावी परिणाम में हेरफेर किया है. इसके अलावा कुछ मानवाधिकार संस्थाओं ने 1980 में हुए सामूहिक हत्याकांड में भी इब्राहीम रईसी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं.

Source- Al arabiya

इब्राहीम रईसी के चुनावी दावे-

राष्ट्रपति चुनाव मे इब्राहीम रईसी ने ईरान की जनता से वादा किया कि वे देश से भ्रष्टाचार मिटा देंगे और ईरानी अर्थव्यवस्था को मजूबत बनाने की पुरजोर कोशिश करेंगे. रईसी इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान के आठवें राष्ट्रपति होंगे.

नए राष्ट्रपति पर अमेरिका लगा चुका है प्रतिबंध-

ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी पर राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या करवाने के आरोप लगते आए हैं. वैश्विक मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक इब्राहीम रईसी उन चार न्यायाधीशों मेंं शामिल थे. जिन्होंंने 5,000 राजनीतिक कैदियों को मौत की सजा सुनाई थी. वहीं ईरान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस दौरान 30 हजार लोग मारे गए. इस घटना के बाद अमेरिका ने इब्राहीम रईसी पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया.

Source- deccanherald

कट्टरपंथी हैं रईसी-

इब्राहीम रईसी की जीत से ईरान में कंट्टरपथियों की पकड़ को मजबूती मिली है. ये ऐसे समय राष्ट्रपति बने हैं जब परमाणु समझौते को बचाने के लिए ईरान के साथ विश्व शक्तियों की विएना मे बातचीत चल रही है.

रईसी के राष्ट्रपति बनने के बाद इजरायल समेत अन्य कई देशों की चिंता बढ़ गयी है. इजरायल और ईरान में हमेशा से ही तनाव की स्थिति रही है. पिछले दो साल में ये तनाव और बढ़ा है. ईरान और इजरायल हमेशा से ही एक-दूसरे पर खुफिया हमले कराने के आरोप लगाते आए हैं.