kamala Harris : भारतीय मूल के अमेरिकी उप राष्ट्रपति के बारे में रोचक तथ्य जानिये

कमला हैरिस अमेरिका की पहली अश्वेत महिला उपराष्ट्रपति बन गई हैं. कमला हैरिस के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं था. कमला के पति डग एमहॉफ चुनौतियों और मुश्किल वक्त में हमेशा उनके साथ खड़े रहे. कमला का राजनैतिक करियर काफी लंबा रहा है. कई ऐसे मौके आए जब इन्होंने अमेरिकी परंपराओं का खुलकर विरोध किया. कमला हैरिस का व्यक्तिगत जीवन उनके राजनीतिक जीवन से बिलकुल अलग है. आज हम आपको कमला हैरिस से जुड़ी कुछ रोचक बात बताने जा रहे हैं.

भारत से संबंध-

कमला हैरिस की मां भारतीय और पिता जमैका मूल के थे. कमला हैरिस की मां डॉक्टर श्यामला गोपालन ने साल 2003 में एक इंटरव्यू में बताया था कि वे बर्कले यूनिवर्सिटी पढ़ने के लिए आई थीं. उन्होंने ये नहीं सोचा था कि अमेरिका आने के बाद यहीं बस जाएंगी. उनकी दो बेटियां हैं, कमला और माया.

कमला हैरिस के माता-पिता नागरिक अधिकारों के लिए आंदोलनों में हिस्सा लेते थे. लॉस एंजिल्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक श्यामला ने कमला से पूछा था कि तुम क्या बनना चाहती हो तब कमला ने कहा था कि मैं सभी को आजादी और बराबरी का अधिकार दिलाना चाहती हूं.

source- Los Angeles Times

घर पर खाना बनाने का शौक-

कमला हैरिस ने साल 2009 में Glamour मैगजीन को इंटरव्यू दिया था. जिसमें उन्होंने बताया था कि एक बार मां ने कहा था कि अच्छा खाने का शौक है तो कोशिश करो कि तुम इसे बनाना भी सीखो. कमला हैरिस ने साल 2019 में अभिनेत्री मिंडी केलिग के साथ मिलकर मासाला डोसा बनाया था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर पॉपुलर हो गया था.

source- the indian express

किताबें पढ़ने का शौक-

कमला हैरिस को किताबें पढ़ने का शौक है. साल 2019 में चुनाव प्रचार के दौरान बताया था कि कभी-कभी सही – गलत का फैसला करने के वक्त खुद पर ही संदेह होता है, ऐसे में किताबें ही हमारी मदद करती हैं. कमला हैरिस की पांच पसंदीदा किताब है. नेटिव सन (रिचर्ड राइट), द काइट समर (खालिद हुसैनी), द जॉय लक क्लब (एमी टेन), सॉन्ग ऑफ सोलोमन (टोनी मॉरिसन) और विच एंड द वार्डरोब (सी. लुइस).

सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता देना-

कमला हैरिस ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि मेरे लिए राजनीति का मतलब सामाजिक सेवा है. कमला हैरिस कैलिफोर्निया की पहली महिला अटॉर्नी जनरल थीं. इन्होंने ही बॉडी कैमरे की शुरुआत कराया था. यह कैमरा सभी पुलिसवालों को पहनना जरूरी है. इस कैमरे से ये देखा जाता है कि कहीं पर कोई पुलिसकर्मी नस्लीय भेदभाव या क्रूरता तो नहीं कर रहा है.

तर्को में राष्ट्रपति जो बाइडेन से आगे-

साल 2019 में जब डेमोक्रेटिक पार्टी में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चयन हो रहा था तब कई ऐसे मौके आए जब कमला हैरिस के तर्को का जवाब किसी के पास नहीं था. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि कमला हैरिस से बात करने के वक्त सतर्क रहना जरूरी है, इनमें वे सारी खूबी है जो एक वकील में होनी चाहिए.

source- The Guardian

रंग या नस्ल किसी को कामयाब नहीं बनाते-

जब कमला हैरिस उप राष्ट्रपति की उम्मीदवार बनी तब ऐसा कहा जा रहा था कि इन्हें इसलिए मौका मिला क्योंकि ये अल्पसंख्यक हैं और अपने समुदाय का वोट जुटा सकती हैं. इसके जवाब में कमला ने कहा था कि नेताओं को रंग या नस्ल के आधार पर एक समुदाय से जोड़कर देखना गलत है.