सुभाष चंद्र बोस जयंती 2021 : मौत की थ्योरी पर आज भी है रहस्य, क्या कोई प्लेन क्रैश भी हुआ था?

आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयती है. भारत सरकार ने नेताजी के अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने और याद रखने के लिए हर साल 23 जनवरी को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला लिया है. नेताजी का निधन हुए 75 साल हो चुके हैं पर आज भी उनकी मौत रहस्य बनी हुई है. नेताजी की मौत की जांच करने के लिए तीन कमेटियां बनी. इनमें से दो कमेटियों के अनुसार उनकी मौत प्लेन क्रैश के वक्त हुई थी. वहीं तीसरी रिपोर्ट के अनुसार कोई प्लेन क्रैश ही नहीं हुआ और न ही हादसे में नेता जी मारे गए. नेता जी के निधन के बाद देश के विभिन्न हिस्सो में उन्हें देखे जाने के दावे किए जाते रहे.

फैजाबाद से लेकर छत्तीसगढ़ तक नेताजी को देखे जाने की खबरें आईं. छत्तीसगढ़ में यह मामला जब राज्य सरकार के पास गया तब राज्य सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया.

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कुछ लोगों का मानना था कि फैजाबाद के गुमनामी बाबा ही नेताजी हैं. इनके निधन के बाद उनके पास से नेताजी के परिवार की फोटो, नेताजी के बारे में छपे लेख, कई अहम लोगों के पत्र आदि मिले.

18 अगस्त साल 1945 को जापान दूसरा विश्व युद्ध हार चुका था. अंग्रेज नेताजी को ढूंढ़ रहे थे. यह देखते हुए नेता जी ने रूस से मदद मांगने की सोची. इसके लिए नेताजी मंचूरिया के लिए रवाना हुए. लेकिन इसके बाद से नेताजी को कभी दोबारा नहीं देखा गया. 23 अगस्त 1945 को टोक्यो रेडियो ने जानकारी दी कि नेताजी जिस विमान से जा रहे थे. वह विमान ताइहोकू हवाई अड्डे के पास क्रैश हो गया. नेताजी के साथ बाकी लोग भी क्रैश में मारे गए.

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आजादी के बाद भारत सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए. पहले दो रिपोर्ट में मौत की वजह प्लेन क्रैश बताया गया. साल 1999 में तीसरी जांच समिति ने अपने रिपोर्ट में ताइवान सरकार के हवाले से बताया कि साल 1945 में कोई प्लेन क्रैश नहीं हुआ. हालांकि केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया.

नेताजी के बारे में वो बातें जो शायद आपको पता न हों-

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस का एक पहलू राजनीतिक था और दूसरा पहलू आध्यात्मिक था. नेताजी रोजाना योग साधना करते थे. योग करते वक्त नेताजी एकांत रहना पंसद करते थे.
  • नेताजी हमेशा अपने पास भगवत गीता रखते थे.
  • नेताजी अक्सर रात में देर में सोया करते थे. आमतौर पर ये दो बजे के बाद सोने जाते थे. सोने के वक्त नेताजी दिनभर के कामों की समीक्षा करते.
  • नेताजी को चाय और कॉफी पीने का शौक था, जब ये कोलकाता में अपने घर में होते थे तो ये दिनभर में 20-25 कप चाय पी जाते थे. हालांकि नेताजी को सिगरेट पीने की भी आदत थी.
  • नेताजी को पढ़ने का शौक था जेल में रहने के दौरान इन्होंने कई किताबें पढ़ी.
  • नेताजी के बारे में ऐसा कहा जाता है कि ये मां काली के भक्त थे. ये जब म्यांमार की मांडला जेल में थे. तब उन्होंने तंत्र-मंत्र से संबंधित कई किताबें पढ़ी.