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सबूतों के अभाव में छोड़ दिया जाएगा आतंकी हाफिज सईद, जानिए कौन है हाफिज सईद

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देश और दुनिया में आतंक के पर्याय बन चुके हाफिज सईद को कुछ दिनों पहले पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जिस पर वहां की लाहौर कोर्ट ने कहा है कि अगर पाकिस्तान की पुलिस और सरकार आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं साबित नहीं कर पाए तो हाफिज सईद को रिहा कर दिया जाएगा.

आतंकी हाफिज
Source-You Tube

पाकिस्तान के गृह सचिव नहीं पेश कर पाए सबूत

हाफिज सईद की बंदी के खिलाफ अपील के मामले में लाहौर हाईकोर्ट में लाहौर के गृह सचिव को सबूतों के साथ हाजिर होना था लेकिन गृहसचिव के हाईकोर्ट में हाजिर ना होने पर लाहौर हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ मीडिया की कुछ क्लीपिंग्स के आधार पर ही किसी नागरिक को जेल में बंद नहीं रखा जा सकता है. ऐसे में हाफिज सईद के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश ना किये जाने की स्थिति में उसे जेल से रिहा कर दिया जाएगा.

चार साथियों के साथ नजरबंद था हाफिज सईद

हाफिज सईद के उनके चार साथियों अबदुल्लाह उबैद, अब्दुल रहमान, मलिक जफर इकबाल और काजी काशिफ हुसैन को लाहौर में आतंक निरोधी एक्ट के तहत गृहबंदी बना दिया गया है.

कौन है हाफिज सईद

हाफिज सईद का पूरा नाम हाफिज मुहम्मद सईद है जो कि एक पाकिस्तानी कट्टरवादी है. हाफिज सईद दुनियाभर में आतंक फैलाने के लिए मशहूर लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक और आतंकी संगठन जमात-उद्-दावा का संस्थापक है. साल 2008 में मुंबई में हुई आतंकी बम धमाकों के सिलसिले में आतंकी हाफिज सईद के ऊपर 10 मिलियन डॉलर का ईनाम रखा था.

जन्म, परिवार और शिक्षा

हाफिज सईद का जन्म साल 1968 में पंजाब प्रांत के सरगोधा में एक गुज्जर परिवार में हुआ था. हाफिज सईद के पिता का नाम कमालुद्दीन था जो कि भारत के पंजाब प्रांत में एक किसान थे और साल 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान बंटवारे के चलते पूरे परिवार सहित लाहौर चले गये थे.

पाकिस्तान के जनरल मोहम्मद जिया-उल-हक ने हाफिज सईद को इस्लामिक विचारधारा काउंसिल में नियुक्त किया जहां हाफिज सईद ने शिक्षा लेने के बाद पाकिस्तान की यूनीवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में इस्लामिक शिक्षाओं के टीचर के रूप में नौकरी करनी शुरु कर दी.

सऊदी अरब में मिली आतंक की प्रेरणा

साल 1980 की शुरुआत में हाफिज सईद को उच्च शिक्षाओं के लिए सऊदी अरब भेजा गया जहां उसकी मुलाकात सऊदी के शेखों से हुई जो सोवियत- अफगान युद्ध में भाग लेने जा रहे थे. उन्होंने ने ही हाफिज सईद को अफगानिस्तान में मुजाहिद्दीन के सक्रिय सदस्य के रूप में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जिसके बाद वो आतंकी हाफिज बन गया.

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का गठन

साल 1987 में हाफिज मुहम्मद सईद ने अब्दुल्लाह अजाम के साथ मिलकर Markaz Dawa-Wal-Irshad नामक संगठन की स्थापना की जो कि साल 1990 की शुरुआत में आई एस आई की मदद से हाफिज सईद द्वारा लश्कर-ए-तैयबा बना दिया गया.

कश्मीर में स्थिरता पैदा करना है मुख्य लक्ष्य

हाफिज मुहम्मद सईद का लश्कर-ए-तैयबा को स्थापित करने का मुख्य लक्ष्य कश्मीर में अस्थिरता पैदा करना है. अक्सर हाफिज सईद अपने भड़काऊ भाषणों के जरिये कश्मीर और भारत के लोगों विशेषकर युवाओं को भड़काने का काम करता रहता है.

हाफिज सईद भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों के खिलाफ भी अपने बेबाक और जहरीले बोल उगलता रहता है.

 

 

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