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धार्मिक स्थल : वैष्णों देवी मंदिर के बारे में ये 9 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए

18 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरु हो रहे हैं. देवी मां के भक्त इस दिन से 9 दिन तक व्रत रखकर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करेंगे. ऐसे में सभी देवी मां के मंदिरों में भक्तों की भीड़ होने लगती है. हिंदू धर्म में सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है वैष्णों देवी जहां नवरात्र के समय खूब भीड़ होती है.

वैष्णो देवी मंदिर शक्ति को समर्पित है और ये हिंदू मंदिर के सबसे पवित्र मंदिरों में से सबसे खास है, जो जम्मू और कश्मीर में एक पहाड़ी पर स्थित है और पूरे भारत में वैष्णों देवी के नाम से प्रसिद्ध है. जम्मू और कश्मीर के कटरा से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. चलिए बताते हैं इस मंदिर की कुछ खास बातें..

वैष्णों देवी मंदिर से जुड़ी कुछ बातें :

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1. वैष्णों देवी मंदिर में हर साल लाखों भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं. ये मंदिर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले मंदिरों में से दूसरे स्थान पर है. इस मंदिर की अपनी अनोखी कहानी है. यहां पर आकर कोई भी भक्त उदास होकर नहीं जाता है.

2. भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी होती है ऐसा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को लगता है. इस मंदिर के कुछ रहस्य भी हैं जिसे आपने किसी धार्मिक ग्रंथ में पढ़ा होगा लेकिन सभी को इस बारे में नहीं पता होता.

3. ये पवित्र तीर्थ स्थल वैष्णो देवी मंदिर जम्मू-कश्मीर राज्य की त्रिकुटा पहाड़ियों पर बसा है. माता वैष्णो देवी का ये मंदिर एक पहाड़ी में गुफा के अंदर हैं. हर साल लाखों भक्त यहां की यात्रा करते हैं. जितना महत्व वैष्णो देवी का है, उतना ही महत्व यहां की गुफा का भी है.

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4. देवी के मंदिर तक पहुंचने के लिए एक प्राचीन गुफा का प्रयोग किया जाता था. यह गुफा बहुत ही चमत्कारी और रहस्यों से भरी हुई है.

5. इस प्राचीन गुफा का बहुत ज्यादा महत्व है क्योंकि इसमें प‌वित्र गंगा का जल प्रवाहित होता रहता है. इस जल में स्नान करके ही भक्त मां के दर में पहुंचता है. जिसके कारण इसका महत्व अधिक बढ़ जाता है.

6. वैष्णो मंदिर तक पहुंचने वाली घाटी में कई पड़ाव आते हैं, जिनमें से एक है अर्ध कुंवारी. इस गुफा को गर्भजून के नाम से भी जाना जाता है. क्योंकि इस गर्भजून गुफा को लेकर मान्यता है कि दुर्गा मां यहां पर 9 महीने तक बिल्कुल वैसे ही रहीं जिस तरह एक शिशु अपनी मां के गर्भ में रहता है

7. इस गुफा की लंबाई लगभग 98 फीट है. यहां पर अंदर जाने और बाहर आने के लिए दो रास्ते बनाएं गए है. साथ ही यहां पर एक बड़ा सा चबूतरा भी है जिसे माता वैष्णों का आसन माना जाता है और वो यहीं पर विराजित रहती है.

वैष्णों देवी
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8. वैष्णो देवी के दरबार में प्राचीन गुफा का काफी महत्व है. इसको लेकर मान्यता है कि प्राचीन गुफा के अंदर भैरव का शरीर मौजूद है. माता ने यहीं पर भैरव को अपने त्रिशूल से मारा था और उनका सिर उड़कर भैरव घाटी में चला गया और शरीर यहां रह गया था.

9. वैष्णों देवी के दर्शन के दौरान अगर भैरव बाबा का दर्शन नहीं किया तो वहां जाना व्यर्थ होता है. ऐसी कहानी है कि जब भैरव बाबा ने अपने प्रायश्चित के बाद मां से कुछ मांगा तो मां ने कहा यहां आने वाले के लिए भैरो बाबा के दर्शन करना अनिवार्य होगा.

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