Home History ये हैं दुनिया के पांच ऐसे रहस्य जिनकी गुत्थी आज भी नहीं...

ये हैं दुनिया के पांच ऐसे रहस्य जिनकी गुत्थी आज भी नहीं सुलझ पाई

SHARE

हमारी ये दुनिया बेशुमार रहस्यों से भरी पड़ी है, कुछ रहस्यों के बारे में इंसाफ जानता तो है लेकिन उन्हें आज तक सुलझा नहीं पाया है. इस वैज्ञानिकों ने इन रहस्यों को सुलझाने की कोशिश की है, लेकिन नाकाम रहे हैं. तो आज हम आपको ऐसे रहस्यों के बारे में बता रहे हैं, जो दुनिया के सामने आज तक अनसुलझी हैं.

1- लाखों चिंकारा की मौत (ऐन्टलोप)

मई 2015 में सेन्ट्रल कजाकस्तान में कुछ ही दिनों में करीब 1 लाख 20 हजार चिंकारा की मौत हो गई. ये मौत क्यों और कैसे हुई, इस बात का पता अभी तक नहीं चला है.

कुछ वैज्ञानिक इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं और उनका कहना है कि ये मौतें पैथजन नाम की बीमारी के फैलने से हुई थी. लेकिन इसके बाद भी ये गुत्थी लोगों के लिए बनी हुई है.

2- क्रिपी क्लाउन

अमेरिकी के एक प्रांत अल्बेनी में कई बार लोगों ने क्रिपी क्लाउन (खौफनाक जोकर) को देखने का दावा किया है, लेकिन ये किसी को नहीं मालूम कि वो कहां से आता है और कहां गायब हो जाता है. इसके बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं है. यह एक कल्पना है कि हकीकत बस मिस्ट्री बन कर लोगों के लिए रह गई है.

3- मलेशियन एयरलांइस फ्लाइट

मार्च 2014 में मलेशियन एयरलांइस की फ्लाइट (एमएच 370) अचानक गायब हो गया था, लेकिन ये कैसे और कहां गायब हो गया इसका पता आज तक कोई नहीं लगा पाया है.

लोगों का कहना है कि उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद फ्लाइट का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद दोबारा उससे संपर्क नहीं हो सका. प्लेन के अंदर 239 यात्री सफर कर रहे थे.

4- कजाकस्तान की अजीबोगरीब आकृतियां

कजाकस्तान के तुरगई रीजन में बनी अजीबोगरीब आकृतियां भी लोगों के लिए रहस्य बनी हुई है. ऐसा माना गया है कि ये आकृतियां 8,000 साल पुरानी सभ्यता की निशानी हैं. कुछ इतिहासकार इन आकृतियों को लैटिन अमेरिकी देश पेरू की ’नाज्का लाइन्स’ जैसा बताते हैं. वहीं कुछ लोग इन निशानों को यूएफओ और एलियंस से जोड़ते हैं.

5- नावों में मिली सड़ी हुई लाश

साल 2015 में जापान के नॉर्थ वेस्ट इलाके में कई ऐसे बोट मिले, जिनमें सड़ी हुई हालत में लाश थी. बताया जाता है कि ऐसे करीब 30 बोट मिले थे, जिनमें लोगों को कई सड़ी हुई लाशें मिली थी. लेकिन आज तक किसी को ये नहीं पता चला कि ये बोट कहां से आई और इसे किसने भेजा था.