Home Religion महाभारत : जब भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को बताया था नारी सम्मान...

महाभारत : जब भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को बताया था नारी सम्मान का महत्व

SHARE

आजकल महिलाओं के हक और सम्मान की बातें हर ओर हो रही हैं. जहां एक और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा भी जोरों पर है. इतिहास गवाह है कि जब-जब महिलाओं का अपमान हुआ है तब-तब सर्वनाश हुआ है. महाभारत में इस बात के सबूत पाये गये हैं.

महाभारत की लड़ाई में घायल हुए पितामह :

महाभारत
source : webduniya

महाभारत में हुए घमासान युद्ध की वजह सभी जानते हैं. ये युद्ध द्रोपदी के साथ हुए अत्याचार की कारण कौरवों और पांडवों के बीच हुआ. इस युद्ध में अर्जुन के तीरों से घायल भीष्म पितामह जब तीरों की शैय्या पर लेटे हुए अपनी मौत का इंतजार कर रहे थे तब उन्हें अपने सारे अच्छे बुरे काम याद आ रहे थे.

पितामह ने दिया युधिष्ठिर को ज्ञान :

महाभारत
source : jagrukindian

पितामह के अंतिम समय में युधिष्ठिर को अपने पास बुलाया और जीवन से जुड़ी कुछ बातों का ज्ञान दिया. उन्होंने बताया कि महिलाओं का सम्मान हर पुरुष के लिए बहुत जरूरी है. परिवार में रहने वाली महिला और बाहर रहने वाली हर महिलाओं का सम्मान करना एक अच्छे पुरूष की जिम्मेदारी होती है.

महिलाओं को पितामह ने बताया खास :

महाभारत
source : jagranjosh

भीष्म पितामह ने बताया कि जिस घर में महिलाओं को प्रसन्न रखा जाता है और उनका सम्मान किया जाता है उसी घर में लक्ष्मी और खुशहाली वास करती है.

जिस घर में महिलाओं का अपमान किया जाता है तो वहां भगवान और देवता आकर भी चले जाते हैं. वहां दुख, कटुवचन और विवाद बने रहते हैं.

महिलाएं भगवान का बनाया बहुत ही खास और नाजुक नजराना है उनका ख्याल रखना ही सच्चे पुरुष की निशानी होती है.

करो बेटी-बहू का सम्मान :

महाभारत
source : Dailyhunt

भीष्म ने आगे बताया कि जिस परिवार में खुद की बेटी और दूसरे की बेटी में फर्क किया जाता है तो उसकी अपनी बेटी को उसके ससुराल में सम्मान नहीं मिलता. इसलिए बहू को भी उतना प्यार और सम्मान देना चाहिए जितना कोई अपनी बेटी को देता है.