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बजट से संबंधित कुछ शब्दों के बारे में जानिये जो आपके लिए जरूरी हैं

आम बजट में ऐसे अनेकों शब्द प्रयोग किये जाते हैं जो कि आम आदमी के लिए बेहद जरूरी होते हैं लेकिन इनका मतलब सभी को पता नहीं होता है. बजट से संबंधित कुछ शब्दों के बारे में जानिये जो आपके लिए जरूरी हैं

Source-Vipin Khandelwal

1.  डायरेक्ट टैक्स यानी की प्रत्यक्ष कर क्या है ?

डायरेक्ट टैक्स यानी की वह टैक्स, जिसे आपसे सीधे तौर पर वसूला जाता है. मसलन, इनकम टैक्स, व्यवसाय से आय पर कर, शेयर या दूसरी संपत्तियों से आय पर कर, प्रॉपर्टी टैक्स.

2. इनडायरेक्ट टैक्स यानी की अप्रत्यक्ष कर क्या है ?

इन्डायरेक्ट टैक्स यानी वह टैक्स, जिसे आप सीधे नहीं जमा कराते, लेकिन यह आप ही से किसी और रूप में वसूला जाता है. देश में तैयार, आयात या निर्यात किए गए सभी सामानों पर लगाए जाने वाले कर को अप्रत्यक्ष कर कहते हैं. इसमें उत्पाद कर और सीमा शुल्क शामिल किए जाते हैं.

3. FDI यानी कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश क्या है ?

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई): किसी विदेशी कंपनी द्वारा भारत स्थित किसी कंपनी में अपनी शाखा, प्रतिनिधि कार्यालय या सहायक कंपनी द्वारा निवेश करने को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कहते हैं.

बजट से
Source-Moneycontrol

4. 80C की बचत क्या है ?

आप अपनी आमदनी में से इंश्योरेंस, सीपीएफ, जीपीएफ, पीपीएफ, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), टैक्स बचाने वाले म्यूचुअल फंड, पांच साल से ज़्यादा की एफ़डी, होम लोन के प्रिंसिपल (मूलधन) जैसे निवेशों में लगा सकते हैं, और ऐसे ही निवेशों को जोड़कर डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स में छूट दी जाती है… इस डेढ़ लाख रुपये को आपकी कुल आय में से घटा दिया जाता है और उसके बाद इनकम टैक्स का हिसाब लगाया जाता है.

5. इनकम टैक्स क्या है ?

वह टैक्स, जो सरकार आपकी आय पर आपसे लेती है. वर्तमान में लागू नियमों के मुताबिक आपकी आमदनी के पहले ढाई लाख रुपये पर कोई कर नहीं लगता. ढाई लाख के बाद की कमाई पर टैक्स लगता है.

6. एक्साइज़ ड्यूटी क्या है ?

यह देश में बने और यहीं बिकने वाले सामान पर वसूला जाता है… कंपनियों को फैक्ट्री में से सामान निकालने से पहले इसे भरना ज़रूरी है… यह ज़रूरी नहीं कि एक ही तरह की चीज़ों पर बराबर एक्साइज़ ड्यूटी लगाई जाए… यह सरकार की कमाई के सबसे बड़े साधनों में से एक है…

7. औद्योगिक कर क्या है ?

ये टैक्स औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर लगाया जाता है. यह टैक्स उस प्रतिष्ठान के मालिक पर लगाये गये व्यक्तिगत कर से अलग होता है.

8. सेंट्रल प्लान आउटले क्या है ?

यह बजटीय योजना का वह हिस्सा होता है, जिसके तहत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और इकोनॉमी के विभिन्न सेक्‍टरों के लिए संसाधनों का बंटवारा किया जाता है.

9. कर राजस्व यानी की Tax revenue क्या है ?

सरकार टैक्स लगा कर जो रेवेन्यू हासिल करती है, उसे टैक्स रेवेन्यू कहा जाता है. आमतौर पर सरकार विभिन्न प्रकार के टैक्स लगाती है, ताकि योजनागत और गैर-योजनागत व्यय के लिए धन (पैसा) एकत्र कर सके. आमतौर पर सरकार की इनकम का प्राथमिक व प्रमुख स्रोत टैक्‍स ही होता है.

Source-eoghanmurphy.ie

10. गैर कर राजस्व यानी की Non tax revenue क्या होता है.

नॉन टैक्स रेवेन्यू वह राशि है, जो सरकार टैक्स के अतिरिक्त अन्य साधनों से एकत्र करती है. इसमें सरकारी कंपनियों के डिसइनवेस्‍टमेंट से मिली राशि, सरकारी कंपनियों से मिले हुए लाभांश और सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न इकोनॉमिक सर्विसेज के बदले में मिली राशि शामिल होती है.

11. चालू खाते का घाटा यानी कि Current account deficit क्या है

चालू खाते का घाटा यानी करंट अकाउंट डे‍फिसिट देश में फॉरेन करंसी की टोटल इंवेस्‍टमेंट और निकासी का अंतर बताता है. फॉरेन करंसी की इंवेस्‍टमेंट, एक्‍सपोर्ट, कैपिटल मार्केट में इंवेस्‍टमेंट, डायरेक्‍ट फॉरेन इंवेस्‍टमेंट और विदेशों में रह रहे लोगों द्वारा स्‍वदेश भेजे गए पैसे यानी रेमिटेंस के जरिए होती है. जब फॉरेन करंसी की निकासी आवक से ज्‍यादा होती है, तो घाटा होता है.

12. राजस्व घाटा यानी कि Revenue Deficit क्या है ?

राजस्व घाटे का मतलब सरकार की अनुमानित राजस्व प्राप्ति और एक्‍सपेंडिचर में अंतर होता है. आमतौर पर किसी वित्त वर्ष के लिए सरकार राजस्व प्राप्ति और अपने खर्च का एक अनुमान लगाती है. लेकिन, जब उसका व्यय उसके अनुमान से बढ़ जाता है, तो इसे राजस्व घाटा कहा जाता है.

13. राजकोषीय घाटा यानी कि Fiscal Deficit क्या है ?

वित्तीय घाटा बताता है कि किसी वित्त वर्ष के दौरान सरकार की कुल आमदनी (उधार को छोड़कर) और कुल खर्च का अंतर कितना है। वित्तीय घाटे के बढ़ने का मतलब होता है कि सरकार की उधारी बढ़ेगी. यहां ये समझना जरूरी है कि अगर उधारी बढ़ेगी, तो ब्याज की अदायगी भी बढ़ेगी. ब्याज का बोझ बढ़ने से सरकार के राजस्व घाटे पर नकारात्मक असर पड़ेगा.

14. प्राथमिक घाटा क्या है ?

देश के वित्तीय घाटे और ब्याज की अदायगी के अंतर को प्राथमिक घाटा कहते हैं. प्राथमिक घाटे के आंकड़े से इस बात का पता चलता है कि किसी भी सरकार के लिए ब्याज अदायगी कितनी बड़ी या छोटी समस्या है.

15. अनुदान मांगे क्या हैं ?

बजट में शामिल सरकार के खर्चों के अनुमान को लोकसभा अनुदान की मांग के रूप में पास करती है. हर मंत्रालय की अनुदान की मांगों को सरकार सिलसिलेवार तरीके से लोकसभा से पास कराती है.

16. लेखानुदान मांगें क्या हैं ?

बजट को संसद में पारित कराने में लंबा समय लगता है. ऐसे में सरकार एक अप्रैल से पहले पूरा बजट पारित नहीं करा पाती. इस स्थिति में अगले वित्त वर्ष के शुरुआती दिनों के खर्च के लिए सरकार संसद की मंजूरी लेती है. इन्‍हीं मांगों को लेखानुदान मांगें कहते हैं.

17. सब्सिडी क्या है ?

किसी सरकार द्वारा व्यक्तियों या समूहों को नकदी या कर से छूट के रूप में दिया जाने वाला लाभ सब्सिडी कहलाता है. भारत जैसे कल्याणकारी राज्य (वेलफेयर स्टेट) में इसका इस्तेमाल लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है. केंद्र सरकार ने आजादी के बाद से अब तक विभिन्न रूपों में लोगों को सब्सिडी दे रही है, चाहे रसोई गैस सब्सिडी हो या फूड सब्सिडी. लेकिन, सरकार अब धीरे-धीरे सब्सिडी को खत्‍म करने की ओर कदम बढ़ा रही है.

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