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यादों का पिटारा : सुनहरे बचपन की याद दिलाती हैं ये 15 तस्वीरें

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जिंदगी की भागदौड़ भरे सफर में हम अपनी सभी पुरानी आदतें बदलते जा रहे हैं. ऐसा नहीं है कि हम अपने बचपन की यादें भूल जाते हैं बस हमारे पास उन्हें याद करने का समय नहीं होता. बचपन के वो खेल अब मोबाइल में सिमट कर रह गया है लेकिन हम आपके लिए यादों का पिटारा से कुछ तस्वीरें लाए हैं जिन्हें देखकर आपको अपने दिन याद आ जाएंगे.

यादों का पिटारा में देखिए ये तस्वीरें :

1. बचपन में गर्मी की छुट्टियों के दिन इन्हीं ट्रम्प कार्ड खेलकर बीतता था. क्या आपके साथ भी ऐसा ही था ? 

यादों का पिटारा
बचपन की यादें\

2. अमूल का प्रोडक्ट बहुत समय से यूज करने वाले इस पैकेट को पहचानते होंगे. क्या आपने देखा है इन्हें ?

बचपन की यादें

3. 90 के दशक से 21वीं सदी की शुरुआत तक सबका साथी वॉकमैन होता था.

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4. हर बच्चों का सबसे फेवरेट इनडोर गेम्स होता था कैरम, क्या आपने इसे खेले बिना अपना बचपन बिताया है ?

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5. इस घड़ी को आपने भी पहना ही होगा, जरा याद करिए 

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6. बबल गम की बात और किसी च्विंगम में नहीं और ना ही वो खुशी अब रह गई है.

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7. 90 के दशक में बच्चों को यही मिलता था स्कूल ले जाने के लिए और ये सबसे बड़ी खुशी का राज थी उस समय के बच्चों के लिए.

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8. दूरदर्शन चैनल शुरु होने से पहले इसके दर्शन होना आम बात थी.

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9. हर बच्चे का फेवरेट कॉमिक और सुपरहीरो चाचा चौधरी और साबू की जोड़ी हुआ करती थी. क्या आपको ये पसंद थे ? 

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10. आजकल मोबाइल में ही सारे फीचर्स मिल जाते हैं लेकिन एक जमाने में ऐसा कैमरा बहुत चलता था.

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11. बच्चों का प्यारा लट्टू जो अब खो सा गया है.

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12. रविवार वाले दिन ज्यादातर घरों से दूरदर्शन चैनल पर इस रामायण की आवाज जरूर आया करती थी.

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13. माचिस के डब्बे को इकट्ठा करना और फिर उसका घर या फर्नीचर बनाना हर बच्चे का शौक होता था.

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14. पहले एक टीचर जरूर होता था जिसे अपने सबजेक्ट के काम को इंक पेन से ही करवाना अच्छा लगता था. क्या आपका पाला ऐसे किसी टीचर से पड़ा है ?

यादों का पिटारा
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15. ये डॉनल्ड डक की आवाज आज तक समझ नहीं आई लेकिन लगता बहुत मजेदार था.

यादों का पिटारा
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16. आजकल तो बहुत सी ड्रिंक्स बाजार में आ गई है लेकिन हमारा बचपन तो यही फ्रूटी पीकर बीता है.

यादों का पिटारा
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17. दो दशक पहले फोन हर किसी के पास नहीं होता था तो ये वही पोस्टकार्ड है जिसमें हमारे बड़े हमसे जरूरी सूचनाएं लिखवाकर रिश्तेदारों को भेजा करते थे.

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18. सांप और सीढ़ी हर बच्चे का साथी हुआ करता था.

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