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एंग्री यंग मैन के 15 लाजवाब डायलॉग्स जिसे लोग सदियों तक रखेंगे याद

बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन जैसे डायलॉग डिलीवरी कोई नहीं कर सकता, इसलिए तो जिन फिल्मों में वे नहीं होते हैं तो उनके वाइज ओवर से काम चलाया जाता है. सदी के महानायक का ये नाम अमिताभ बच्चन को यूंही नहीं मिला, कुछ तो खास है उनके अंदर. अमिताभ बच्चन के डायलॉग्स आज भी बच्चे-बच्चों की जुबान पर चढ़ा है, उनकी फिल्मों के दीवाने बच्चों से लेकर बूढ़े तक हैं.

अमिताभ बच्चन के 15 फेमस डायलॉग्स :

अमिताभ बच्चन
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1. रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह – शहंशाह (1988)

2. डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है – डॉन (1978)

3. जब तक बैठने को ना कहा जाए शराफत से खड़े रहो, ये पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं – जंजीर (1973)

4. कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है, कि जिंदगी तेरी जुल्फों की नर्म छाओं में गुजरने पाती तो शादाब हो भी सकती थी – कभी कभी (1976)

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5. पूरा नाम विजय दीनानाथ चौहान, बाप का नाम दीना नाथ चौहान, मां का नाम सुहाषिनी चौहान, गांव मांडवा, उम्र छत्तीस साल – अग्नीपथ (1990)

6. आज मेरे पास बंगला है, गाड़ी है, बैंक बैलेंस है क्या है तुम्हारे पास – दीवार (1975)

7. मैं आज भी फेके हुए पैसे नहीं उठाता – दीवार (1975)

8. मुझे जो सही लगता है मैं करता हूं, फिर चाहे वो भगवान के खिलाफ हो, कानून के खिलाफ हो या पूरे सिस्टम के खिलाफ हो – सरकार (2005)

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9. परंपरा, प्रतिष्ठा, अनुशासन ये इस गुरुकुल के तीन स्तंभ हैं, ये वो आदर्श हैं जिनसे हम आपका आने वाला कल बनाते हैं – मोहब्बतें (2001)

10. हम जहां खड़े हो जाते हैं लाइन वहीं से शुरु हो जाती है – कालिया (1981)

11. बचपन से है सर पर अल्लाह का हाथ, और अल्लाह रक्खा है मेरे साथ, बाजू पर है सात सौ छियासी का बिल्ला, बीस नंबर का बीड़ी पीता हूं, काम करता हूं कूली का और नाम है इक़बाल – कूली (1983)

12. सूर्यवंश एक आग है जिसमें दोस्तों के लिए जितनी ज्योति होती है, दुश्मनों के लिए उतनी ही ज्वाला होती है – सूर्यवंशम (1999)

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13. आनंद मरा नहीं, आनंद मरा नहीं करते – आनंद (1971)

14. हमारे यहां घड़ी की सुई कैरेक्टर डिसाइड करती है – पिंक (2016)

15. सही बात को सही वक्त पर किया जाए तो उसका मजा ही कुछ और है, और मैं सही वक्त का इंतजार करता हूं – त्रिशूल (1978)

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