Home History जब पेटदर्द से हारकर एक हिंदू मंदिर बनवाया था औरंगजेब ने

जब पेटदर्द से हारकर एक हिंदू मंदिर बनवाया था औरंगजेब ने

8मुगलशासकों में से सबसे ज्यादा क्रूर माना जाता था औरंगजेब. औरंगजेब ने सत्ता पर कब्जा करने के लिए अपने भाइयों तक की हत्या कर दी थी. कहते हैं कि औरंगजेब ने जिस राज्य पर भी विजय प्राप्त की तुरंत ही वहां के हिंदू मंदिरों को तुड़वाकर नष्ट कर दिया लेकिन उसी औरंग जेब ने हारकर एक हिंदू मंदिर का निर्माण भी करवाया था.

औरंगजेब ने
Source-india today

एक क्रूर शासक

औरंगजेब ऐसा क्रूर और साम्राज्यवादी मुगलशासक माना जाता था. जिसने भारत में सबसे ज्यादा मुगल शासन का विस्तार किया. अपने मात्र 49 सालों के जीवनकाल में ही औरंगजेब ने सबसे ज्यादा मुगलशासन का विस्तार किया.

औरंगजेब की क्रूरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी फौज जैसे ही किसी राज्य या क्षेत्र को जीतती थी, लूटपाट और हत्याओं के मंजर को अंजाम देते हुए वहां के मंदिर, गुरुद्वारे आदि तोड़कर गिरा दिये जाते थे.

चित्रकूट पहुँचा औरंगजेब

इंडिया टुडे के अनुसार औरंगजेब जब भारत में विनाश रच रहा था तब एक दिन वो अपनी फौज के साथ चित्रकूट पहुंचा था. मंदाकिनी नदी के किनारे एक दिन औरंगजेब के रास्ते में एक शिव मंदिर पड़ा.

औरंगजेब ने अपने सैनिकों को जैसे ही वह शिव मंदिर तोड़ने का आदेश दिया. लेकिन तुरंत ही उसकी पूरी फौज और खुद औरंगजेब के पेट में भी दर्द शुरु हो गया.

पेट दर्द से हारा औरंगजेब

औरंगजेब और उसकी फौज के सैनिकों का पेटदर्द जब तमाम हकीमों की जड़ी-बूटियों और दवाईयों से भी खत्म नहीं हुआ तो फिर उसे किसी से पता चला कि वहां पर एक बालकनाथ नाम का साधु उसका पेटदर्द सही कर सकता है.

पेटदर्द से हारकर शहंशाह होते हुए भी औरंगजेब ने अपना सारा घमण्ड भूलकर तुरंत ही बालकनाथ के पास पहुँच गया. बालकनाथ ने फिर किसी तरह से औरंगजेब के पेटदर्द को सही कर दिया था.

औरंगजेब का पेटदर्द सही हो जाने के बाद औरंगजेब ने अपनी फौज को आदेश दिया कि चित्रकूट को छोड़ दिया जाए और उसे किसी भी तरह का नुकसान ना पहुँचाया जाए.

बालकनाथ को बनाया महंत

औरंगजेब ने वहां बालाजी का एक मंदिर बनाया जिसका महंत उन्होंने बालकनाथ साधु को बनाया. औऱंगजेब के आदेश से बालकनाथ को वहां का शाही संरक्षण दिया गया और साथ में उसके आसपास के आठ गांवो की जागीर भी दे दी गई थी. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार ये गांव इस समय इलाहाबाद जिले में हमुठा, चित्रकूट, रोदरा, सरया, मदरी, जारवा और दोहरिया हैं. औरंगजेब के फरमान में इस समय उसे राजस्व मंत्री के साइन भी थे.