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स्पर्म बेचने वालों का खुल रहा राज, ये व्यक्ति है 60 हजार लोगों का बाप

9 दिनों तक जीनोलॉजिकल रिसर्च के बाद आखिरकार रेयान क्रैमर को पता चल गया कि उसका जैविक पिता कौन है. जिस शख्स को लगता था कि स्पर्म डोनेट करने के बाद उसकी पहचान कभी जाहिर नहीं हो पाएगी और किसी को उसके स्पर्म से जन्मे बच्चे के बारे में पता नहीं चल पाएगा, लेकिन उसकी गुमनामी से पर्दा हट गया.

ऐसा तब हुआ है जब उसने खुद कभी डीएनए टेस्ट नहीं कराया है. साल 2005, जब डीएनए टेस्ट अपनी शैशवावस्था में थे, क्रैमर की उम्र 15 साल थी.

13 साल बाद अब इंडिविजुअल डीएनए टेस्ट किट के आविष्कार से डोनर के स्पर्म या एग से जन्मे लोगों के लिए एक नई राह खोल दी है. डीएनए डिटेक्टिव्स के फाउंडर और जेनेटिक जिनोलॉजिस्ट सेसे मूरे का कहना है, लेकिन अब चीजें बहुत तेजी से बदल रही हैं.

मूरे ने कहा, ये सोचना मूर्खता है कि कोई स्पर्म या एग डोनेट करने के बाद अमेरिका में अपनी पहचान छुपाए रह सकता है, अब ऐसा नहीं होने जा रहा है.

अगर कोई शख्स किसी भी कंज्यूमर एनसेस्ट्री साइट को अपना डीएनए नहीं भी भेजता है तो भी डोनर की पहचान किसी दूर के कजिन के डीएनए टेस्ट के जरिए जेनेटिक करीबी को देखकर की जा सकेगी.

यूएस में करीब 1 करोड़ लोग डीएनए टेस्ट करा चुके हैं, ऐसे में संभावना यही है कि ऑनलाइन प्रोफाइल के जरिए लोग किसी ना किसी तरह से लिंक हैं.

 

क्रैमर और उसकी सिंगल मां वेंडी ने लॉस एंजेल्स के पब्लिक रिकॉर्ड्स से पूछताछ की. वे डोनर की जन्म की तारीख जानते थे- यह इकलौती जानकारी उन्हें स्पर्म बैंक से मिली थी. वे देखना चाहते थे कि क्या उन दोनों में से किसी का सरनेम उनसे मैच खाता है.

डोनर सिबलिंग रजिस्ट्री की स्थापना करने वाले वेंडी क्रैमर ने बताया, वह पहले ऐसे डोनर स्पर्म से जन्मे शख्स थे जिसने डीएनए टेस्ट के जरिए अपने डोनर को ढूंढ निकाला था. उनकी रजिस्ट्री के फिलहाल 60,000 सदस्य हैं.

डीएनए मैच कराने की सेवा देने वालीं कई वेबसाइट जैसे- एंसेस्ट्री, फैमिली ट्री डीएन, माई हेरिटेज के इतने यूजर्स हो चुके हैं कि यह असंभव है कि किसी को अपना दूर का एक रिश्तेदार ना मिल सके.

जीनयालॉजी टूल्स से फैमिली ट्री बनाए जा सकते हैं. इसमें रिकॉर्ड्स, डेथ नोटिस, सेंसस रिकॉर्ड और न्यूजपेपर आक्राइव की भी मदद ली जाती है.

उसके बाद संभावित डोनर सेक्स, उम्र और जगह के हिसाब से छांट लिया जाता है. जितने ज्यादा पब्लिक रिकॉर्ड्स होंगे, उतनी ही ज्यादा तलाश जल्दी खत्म होने की संभावना होती है.