Home Health क्या आपको पता है महिलाएं पैर में बिछिया क्यों पहनती हैं ?

क्या आपको पता है महिलाएं पैर में बिछिया क्यों पहनती हैं ?

आपने देखा होगा कि हिंदु धर्म में शादी के बाद महिलाएं पैरों में बिछिया पहनने लगती हैं. यूं तो इसे एक धार्मिक रिवाज के तौर पर देखा जाता है और यह स्त्री के सोलह श्रंगार का भी एक अहम हिस्सा है. लेनिक आज हम आपको बता रहे हैं कि बिछिया पहनना केवल विवाहित होने की निशानी ही नहीं है बल्कि विज्ञान के नजरिए से इसके कई फायदे भी हैं. आप शायद ये नहीं जानते होंगे कि बिछिया पहनने से कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे होते हैं…

मासिक धर्म होता है नियमित

बिछिया सिर्फ शृंगार के लिए नहीं पहना जाता है बल्कि इसे पहनने से कई फायदें भी होते हैं. बिछिया पहनने से मासिक धर्म संबधी दिक्कतें कम होती है और मासिक धर्म नियमित होता है.

एक्यूप्रेशर का काम करता है बिछिया

बिछिया पहनने से शरीर की सभी नाड़ियां और मांसपेशियां सही प्रकार से काम करती हैं. इससे तलवे से लेकर नाभि तक की सभी नाड़ियां और पेशियां व्यवस्थित होती हैं.

गर्भाशय पर भी पड़ता है असर

आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी लेकिन बिछिया पहनने का सीधा संबंध उनके गर्भाशय से है. साइंस की माने तो पैरों के अंगूठे की तरफ से दूसरी अंगुली में एक विशेष नस होती है जो कि गर्भाशय से जुड़ी होती है. यह गर्भाशय को नियंत्रित करती है और रक्तचाप को संतुलित कर इसे स्वस्थ रखती है.

बढ़ती है फर्टिलिटी क्षमता

बिछिया पहनने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता बढ़ती है. पांव में बिछिया पहनना फर्टिलिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.

शरीर में बनी रहती है ताज़गी

बिछिया ज्यादातर चांदी का बना होता है और चांदी को एनर्जी का अच्छा माध्यम माना जाता है. इसलिए पैरों में बिछिया पहनने से ये पृथ्वी की ध्रुवीय ऊर्जा को ठीक करके शरीर तक पहुंचाता है जिससे पूरा शरीर तरोताज़ा हो जाता है.

ये हैं आयुर्वेद का मानना

आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए बिछिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. दरअसल, बिछिया पहनने पर साइटिक नर्व की एक नस दबती है जिससे आस-पास की दूसरी नसों में रक्त का प्रवाह तेज होता है. जिससे यूट्रेस, ब्लैडर और आंतों तक रक्त का प्रवाह ठीक होता है.

तनाव दूर करता है

बिछिया पहनने से तनाव दूर होता है और सुकून का एहसास होता है.

ह्रदय को स्वस्थ रखता है

पैर की दूसरी अंगुली की तन्त्रिका का सम्बन्ध गर्भाशय से होता है और यह हृदय से होकर गुजरती है. इसलिए बिछिया पहनने से ह्रदय गति नियमित रहती है.