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24 दिसंबर को ही क्योंं मनाया जाता है राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस ?

अगर आप भी हैं उपभोक्ता तो जानिए क्या है आपके अधिकार

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राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस यानि कि ‘नेशनल कंज्यूमर डे’, आज मनाया जा रहा है. 24 दिसंबर के दिन इस खास दिवस को मनाने की परम्परा कई सालों से चली आ रही है. माना जाए तो हम सभी किसी ना किसी चीज के उपभोक्ता होते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि एक उपभोक्ता के भी कई अधिकार हैं, जोकि एक खास अधिनयम के अंतर्गत लागू किये गये हैं. आइये जानते हैं क्या कहता है नियम.

1. देश में उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने के लिए  24 दिसंबर साल 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1989 लागू किया गया था, लेकिन भारत में इसकी शुरुआत साल 2000 से हुई.

2. उपभोक्ताओं को उनके खास अधिकार के बारे में जागरूक करना इस दिन की विशेषता है, साथ ही ये भी बताना की अगर किसी के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी या नुकसान हो जाए तो वो इसकी शिकायत कर सकें.’

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photo credit-Online Chhattisgarh

3. खरीदे हुए सामान में अगर किसी तरह की खराबी या या किसी तरह की हानि होती है तो उपभोक्ता अपनी आवाज उठा सकता है.

4. अगर किसी सामान पर ली गयी सेवाओं में कमी पाई जाती है या विक्रेता ने आपसे उसपर लिखे मूल्य से अधिक मूल्य लिया है तो वो इसकी शिकायत कर सकते हैं.

5. इसके अलावा अगर किसी कानून का उल्लंघन करते हुए जीवन और उससे जुड़ी सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करने वाला सामान जनता को बेचा जा रहा है तो आप उसकी शिकायत करवा सकते हैं.

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photo credit-Star of Mysore

6. उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी भी तरह के वकील की जरुर नहीं हैं.

7. उपभोक्ता अपनी शिकायत को सादे कागज पर लिख सकता है. जिसपर उसे विक्रेता का नाम, उसका पता, शिकायत सम्बंधित तथ्य और उससे जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है.

8. शिकायत कहां की जाए ये बात सामान सेवाओं की लागत या मांगी गयी क्षतिपूर्ति पर निर्भर करती है.

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9. अगर यह राशि 20 लाख रुपए से कम है तो जिला जिला फोरम में शिकायत कर सकते हैं.

10. अगर यह राशि 20 लाख से अधिक और एक करोड़ से कम है तो आप राज्य आयोग के सामने और यही एक करोड़ से ज्यादा है तो राष्ट्रीय योग के सामने शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

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