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Accidental Prime Minister किताब लिखने वाले Sanjay Baru कौन हैं ?

संजय बारू पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार कैसे बने

अभिनेता अनुपम खेर की फिल्म Accidental Prime Minister का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह  के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू की किताब पर आधारित है. ये किताब साल 2014 में प्रकाशित हुई थी. तब प्रधानमंत्री के ऑफिस ने इस किताब को फिक्शन बताया था. फिल्म पर विवाद शुरू हो गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि Sanjay Baru कौन हैं और वो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार कैसे बने ?  आइये जानते हैं.

accidental prime minister
accidental prime minister

अर्थशास्त्री और पत्रकार

संजय बारु जाने माने अर्थशास्त्री और पत्रकार माने जाते थे. लेकिन इस किताब को लिखने के बाद उनकी पहचान राजनीतिक लेखक के तौर पर ज्यादा हो गई. वो देश के जाने माने इकोनॉमिक अखबार ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ में एसोसिएट एडिटर रहे. वो बिजनेस स्टैंडर्ड में चीफ एडीटर भी रहे.

पीएम के मीडिया सलाहकार

Sanjay Baru मई 2004 में तब बड़ी पोजिशन पर पहुंचे, जब उन्हें प्रधानमंत्री का मीडिया सलाहकार बनाया गया. वो अगस्त 2008 तक इस पोजिशन पर काम करते रहे. इस दौरान उनकी नजर PMO के कामकाज पर रही. वो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ तमाम बातचीत और भेंट मुलाकात में शामिल होते थे. केवल मीडिया सलाहकार ही नहीं वो तब पीएम के मुख्य प्रवक्ता भी थे.

Manmohan Singh – Sanjay Baru

एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ( Accidental Prime Minister )

पद से हटने के बाद संजय बारु ने किताब लिखनी शुरू की. हालांकि तब उन्होंने इसकी भनक किसी को लगने नहीं दी. जब उनकी किताब बाजार में आने वाली थी, उससे कुछ पहले ही लोगों को मालूम हुआ कि बारु ने ये किताब लिखी है. उसी दौरान उन्होंने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि किताब लिखने के लिए वो बहुत से लोगों से मिले. उन्होंने ये किताब लिखकर न तो किसी भी तरह की गोपनीयता तोड़ी और न ही कोई गलत काम किया है.

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें तो जितना मालूम था, उसका 50 फीसदी ही उन्होंने लिखा है. उन्होंने ये भी कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जिस बात को गोपनीय बताया, उसे किताब से अलहदा ही रखा गया.

कई पदों पर रहे

64 साल के बारु ने पीएम के मीडिया सलाहकार पद से हटने के बाद कई अहम पोजिशन्स पर काम किया. बारु 2017 में इंडियन चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री यानी फिक्की के जनरल सेक्रेट्री बने लेकिन महज नौ महीने ही इस पोजिशन पर टिक पाए. उन्हें जानने वाले बताते हैं कि वो हर शब्द तोलमोल कर बोलते हैं.

Sanjay Baru
Sanjay Baru

पत्नी अर्थशास्त्री

Sanjay Baru की पत्नी रामा बी बारु खुद एक अच्छी अर्थशास्त्री हैं. प्रोफेसर के रूप में अध्यापन का काम करती रही हैं.

सजंय बारू के पिता दोस्त थे

संजय बारु के पिता बीपीआर विठल मनमोहन के मित्रों में थे. दोनों ने साथ में काम किया. विठल तब वित्त और योजना सचिव थे जब मनमोहन सिंह भारत सरकार में वित्त सचिव थे. दोनों के परिवार अक्सर मिलते रहते थे. मनमोहन काफी लंबे समय से संजय बारु को जानते थे. इसी नाते संजय उनके करीब भी आए. बारु का परिवार केरल से ताल्लुक रखता है. वहीं उनकी पढाई लिखाई भी हुई.

सकारात्मक इमेज

संजय बारु लगातार ये कहते रहे हैं कि उनकी किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ मनमोहन सिंह की सकारात्मक इमेज पेश करती है लेकिन उसके कुछ अंश खासे विवादित रहे हैं. जिसमें उन्हें पीएम पद पर कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी की कठपुतली की तरह दिखाया गया है.

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