Take a fresh look at your lifestyle.

स्वतंत्र भारत में उत्तर-प्रदेश की पहली राज्यपाल सरोजिनी नायडू की कुछ अनसुनी बातें

भारत कोकिला कहलाने वाली सरोजिनी नायडू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थीं. आजादी के बाद वो पहली महिला राज्यपाल भी घोषित हुईं. सरोजिनी नायडू एक मशहूर कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी और अपने दौर की महान वक्ता भी रहीं. भारत में अपने जीवन की अलग छाप छोड़ने वाली इस महिला को देश हमेशा याद रखेगा.

सरोजिनी नायडू से जुड़ी अनसुनी बातें :

सरोजिनी नायडू
source : SheThePeople

1. सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी, 1879 में हुआ था. उनके पिता अघोरनाथ चट्टोपध्याय एक वैज्ञानिक और शिक्षाशास्त्री थे, जिन्होंने हैदराबाद के निज़ाम कॉलेज की स्थापना की थी.

2. उनकी मां वरदा सुंदरी एक कवयित्री थीं और बंगाली भाषा में कविताएं लिखती थीं. सरोजिनी आठ भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं. उनके एक भाई विरेंद्रनाथ क्रांतिकारी थे और एक भाई हरिद्रनाथ कवि, कथाकार और कलाकार थे.

3. सरोजिनी नायडू होनहार छात्रा के साथ-साथ उर्दू, तेलगू, इंग्लिश, बांग्ला और फारसी भाषा का ज्ञान रखती थीं. बारह साल की छोटी उम्र में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास कर ली थी, उन्होंने मद्रास प्रेसीडेंसी में पहला स्थान हासिल किया था.

सरोजिनी नायडू
source : TimesofIndia

4. उनके पिता चाहते थे कि वो वैज्ञानिक बनें लेकिन उनकी रुचि कविता में थी. उनकी कविता से हैदराबाद के निज़ाम बहुत प्रभावित हुए. उन्होंने सरोजिनी नायडू को विदेश में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति भी दी और 16 साल की उम्र में वो इंग्लैंड गयीं.

5. वहां पहले उन्होंने लंदन के किंग कॉलेज में एडमिशन लिया उसके बाद कैम्ब्रिज के ग्रीतान कॉलेज से शिक्षा हासिल की. वहां वे उस दौर के प्रतिष्ठित कवि अर्थर साइमन और इडमंड गोसे से मिलीं.

6. इडमंड ने सरोजिनी को भारतीय विषयों को ध्यान में रख कर लिखने की सलाह दी. उन्होंने नायडू को भारत के पर्वतों, नदियों, मंदिरों और सामाजिक परिवेश को अपनी कविता लिखने की प्रेरणा दी.

सरोजिनी नायडू
source : ThoughtCo

7. पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 1898 में सरोजिनी नायडू ने डॉ. गोविंदराजुलू नायडू से शादी कर ली. साल 1914 में इंग्लैंड दौरे पर वे पहली बार महात्मा गाँधी से मिलीं और उनके विचारों से प्रभावित होकर देश के लिए समर्पित हो गयीं.

8. एक कुशल सेनापति की तरह उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय हर क्षेत्र (सत्याग्रह हो या संगठन की बात) में दिया. उन्होंने बहुत से राष्ट्रीय आंदोलनों का नेतृत्व किया और कई बार जेल भी गयीं.

9. उनकी राह में बहुत सी मुश्किलें थीं लेकिन उनसे ना घबरा कर वे गांव-गांव घूमकर देश-प्रेम के लिए लोगों के मन में अलख जगाई. इसके साथ ही देशवासियों को उनके कर्तव्य की याद दिलाती रहती थीं.

सरोजिनी नायडू
source : mid-day

10. साल 1905 में बंगाल विभाजन के दौरान वो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हुईं. इस आंदोलन के दौरान वो गोपाल कृष्ण गोखले, रवींद्रनाथ टैगोर, मोहम्मद अली जिन्ना, एनी बेसेंट, सीपी रामा स्वामी अय्यर, और जवाहर लाल नेहरू से मिलीं.

11. स्वतंत्रता के बाद सरोजिनी भारत की पहली महिला राज्यपाल बनीं. उत्तर प्रदेश का राज्यपाल घोषित होने के बाद वो लखनऊ में बस गयीं.

12. अपनी लोकप्रियता और प्रतिभा के कारण साल 1924 में कानपुर में हुए कांग्रेस अधिवेशन की वे अध्यक्षा बनीं और साल 1932 में भारत की प्रतिनिधि बनकर दक्षिण अफ्रीका भी गईं.

सरोजिनी नायडू
source : outlookindia

13. सरोजिनी जी का गांधीजी से मधुर संबंध था और वो उनको मिकी माउस कहकर पुकारती थीं. श्रीमती एनी बेसेन्ट की प्रिय मित्र और गाँधीजी की इस प्रिय शिष्या ने अपना सारा जीवन देश के लिए अर्पण कर दिया.

14. 2 मार्च, 1949 को दिल का दौरा पड़ने पर उनका देहांत हो गया. 13 फरवरी 1964 को भारत सरकार ने उनकी जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में 15 नए पैसे का एक डाकटिकट भी जारी किया.

Comments are closed.