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Book Review : नाम ही कॉफी है

सोचिये कि आप घर में अकेले बैठके कॉफ़ी पी रहे हैं और आपका फेसबुक से भी मन ऊब गया है. ऐसे में कुछ कहनियाँ पढ़ ली जाएँ तो कैसा रहे? Juggernaut द्वारा मोबाईल और वेबसाईट पर कहानियाँ पढ़ाने का प्रयोग सफल होता नजर आ रहा है.

चूंकि आज के समय में युवा किताबों से ज्यादा मोबाइल और कम्प्यूटर स्क्रीन पर समय गुजार रहे हैं इसलिए कहानियाँ भी उनके बीच सीधे यहीं पहुँच रही है. युवाओं के मिजाज़ के हिसाब से ही लिखी गयी कहानियों का संकलन है नाम ही कॉफ़ी है.

 कॉफी
नाम ही कॉफी है

यह उन कहानियों का संकलन है जिसे पढने वाले किरदारों को अपने आस पास ही महसूस करेंगे. क्यूंकि वेब और मोबाइल के स्पेस पर ज्यादातर पढने वाले युवा ही हैं इसलिए इस कहानी संकलन की भाषा ‘यूथफुल’ ही है.

सिनेमा, सिगरेट, कॉफ़ी, सोशल मीडिया और प्रेम के इर्द गिर्द रची गयी इन कहानियों में ऐसा कुछ नहीं है जो साहित्य को अलग मायने दे पर जैसे जैसे हर क्षेत्र में alternate space को मान्यता मिल रही है वैसे वैसे ऐसे प्रयोग सफल हो रहे हैं.

इसकी ज्यादातर कहानियों के मुख्य किरदार आप या आप का कॉलेज का दौर ही है. प्रेमाईस भी ऐसा जो आपकी कॉलेज कैंटीन या हास्टल के आपस पास ही रहा हो. कहानियों को पढ़ते वक्त एक बात महसूस होती है कि चूंकि यह माइक्रो फिक्शन का ही रूप है इसलिए इसकी ताकत one Liners में है.

“अकेले रहना और अकेले होना दो अलग अलग बातें हैं” ……

“कभी कभी आपकी पसंद आपकी नहीं होती , वह होती है जो आपकी पसंद को पसंद हो “……

“कहाँ से शुरू करूँ? बस इसी सवाल पे अटके रह गए ना जाने कितने लड़के आज तक शुरू ही नहीं कर पाए.”

ऐसे वन लाइनर्स कहानियों में अलग खड़े होते नजर आते हैं.

‘सनम तेरी पसंद’ इस संकलन की सबसे जयादा पढी गयी कहानी है. यह एक ऐसे लड़के की कहानी है जो अपनी पसंद की पसंद को, पसंद करते करते अपनी खुद की पसंद खो देता है. कुल मिलाके कहानियां पढने के बाद लगता है कि युवावस्था दौर सिर्फ रूमानी नहीं है. इस दौर के चैलेंजेस में ब्रेक अप, स्ट्रेस, सोशल मीडिया. ऑफिस, बौस, एक्स, यह सब एक और पहलू है.

कुछ कहानियों की मुख्य थीम “नोस्टाल्जिया” भी है. ‘मिस यू’ ऐसी कहानी है जिसमें एक लडकी अपने घर से चले जाने के बाद अपने घर को याद कर रही है. दरवाजे, कालीन, घर के कोने, दीवार और न जाने कितनी ऐसी चीजें हैं जिनकी हम कभी सजीव रूप में कल्पना नहीं करते हैं. एक लड़के जब अपने घर को ख़त लिखेगी तो उसे क्या के याद आएगा ऐसा इस कहानी में दिखता है.

यूथफुल होने के साथ साथ भाषा के एक और खासियत है कि यह वह भाषा है जिसे बोल कर पढने में ज्यादा मजा आएगा. सभी कहानियाँ पर उपलब्ध हैं या के Juggernaut के ऐप पर भी पढी जा सकती हैं.

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