History

देश के खलिहानों से गुजरकर ‘चौधरी चरण सिंह’ कैसे बन गये पांचवें प्रधानमंत्री, जानिए यहां

देश के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म आज ही दिन यानि की 23 दिसंबर साल  1902 को गाजियाबाद के एक छोटे से गांव में हुआ था. इनका परिवार जाट था. आगरा युनिवर्सिटी से कानून की शिक्षा लेकर उन्होंने साल 1928 में वकालत भी शुरू कर दी थी. आज हम आपको इसी तरह से ‘चौधरी चरण सिंह’ के जीवन से जुड़ी कई बातों के बारे में जानकारी देंगे.

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1.28 जुलाई साल 1979  में चौधरी चरण सिंह ने समाजवादी पार्टियों और कांग्रेस के सहयोग से देश के पांचवें प्रधानमंत्री का पद संभाला था.

2.चौधरी चरण सिंह 3 अप्रैल साल 1967 में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. जिसके ठीक एक साल बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था.

3.साल 1951 से चौधरी चरण सिंह ने अपना राजनितिक करियर शुरू कर दिया था. तब इन्हें उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री का पद प्राप्त हुआ था.

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4.चन्द्रभानु गुप्ता की सरकार में चौधरी चरण सिंह को साल 1960  में गृह और कृषि मंत्रालय सौंपा गया. जिसके बाद अपने अच्छे काम की वजह से प्रदेश सरकार में एक अलग ही मुकाम हांसिल कर लिया था.

5.सारी प्रतिभाओं से भरे चौधरी चरण सिंह ने ‘’अबॉलिशन ऑफ जमींदारी’, ‘लिजेंड प्रोपराइटरशिप’ और ‘इंडियाज पोवर्टी एंड इट्स सोल्यूशंस’ नाम की फेमस किताबें भी लिखी.

photo credit-Firstpost Hindi

6.स्वतंत्रता के बाद भी चौधरी चरण सिंह ने गांधी टोपी नहीं उतारी. जिसकी वजह से देश के इतिहास में उनका नाम प्रधानमंत्री से ज्यादा एक किसान नेता के रूप में जाना जाता है.

7.चौधरी चरण सिंह की जयंती के दिन साल 2001 में केंद्र की अटल बिहारी सरकार ने किसान दिवस की घोषणा की थी.  जिसके लिए ये दिन सबसे अच्छा था.

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8.देश में हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन चौधरी चरण सिंह का जन्म हुआ था. और ये दिन इन्हीं को समर्पित किया जाता है.

9.84 साल की उम्र में 29 मई साल 1987 को किसानों के हक़ के लिए आवाज उठाने वाले देश के पांचवे प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का निधन हो गया था.

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