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सालों पहले मीठा नहीं था CHOCLATE का स्वाद, कया है इसके पीछे का राज?

4 हज़ार साल पुराना है CHOCLATE का इतिहास

चाहे बच्चा हो या बड़ा हर कोई CHOCLATE का शौक़ीन होता है. आज के जमाने में आप चॉकलेट खाते हैं तो उसका TASTE मीठा होता है . लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहले चॉकलेट का TASTE तीखा हुआ करता था. 4 हज़ार साल पुराना है चॉकलेट का इतिहास. हर किसी की मनपसंद डेजर्ट में चॉकलेट का नाम आज सबसे पहले आता है. खासकर लड़कियां तो चॉकलेट की बेहद शौक़ीन होती हैं. आपको बताते हैं आज चॉक्लेट का पूरा इतिहास कैसे चॉकलेट तीखी से मीठी बनी?

पहले शाही पेय हुआ करती थी चॉकलेट

प्राचीन मेसो अमेरिकन में तो इसे ‘देवताओं का खाना’ कहा गया है. किसी टाइम में चॉकलेट का TASTE तीखा हुआ करता था. इसे शाही पेय के नाम पर इस्तेमाल किया जाता था. इसे मिठास स्पेन में आकर मिली. बता दें कि कोकोआ के बीजों को फर्मेंट करके रोस्ट करने के बाद इसे पीसा जाता था. इसके बाद इसमें पानी, वनीला, शहद, मिर्च और दूसरे मसाले डालकर इसे झागयुक्त पेय बनाया जाता था. उस समय ये शाही पेय हुआ करता था. लेकिन चॉकलेट को मिठास यूरोप पहुंचकर मिली. यूरोप में सबसे पहले स्पेन में चॉकलेट पहुंची थी.

कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि चॉकलेट बनाने वाला कोको पेड़ अमेरिका के जंगलों में सबसे पहले पाया गया था. हालांकि, अब अफ्रीका में दुनिया के 70% कोको की पूर्ति अकेले की जाती है.

ऐसे बनाया गया चॉकलेट का पाउडर

सबसे पहले 1828 में डच केमिस्‍ट कॉनराड जोहान्‍स वान हॉटन ने कोको प्रेस का आविष्कार किया तब इस मशीन की मदद से कोको बींस से कोको बटर को अलग करना मुमकिन हो पाया. इससे बनने वाले पाउडर से चॉकलेट बनी.

कॉनराड ने अपनी इस मशीन के ज़रिए चॉकलेट एल्‍केलाइन सॉल्‍ट मिलाकर कड़वे स्‍वाद कम करने की कोशिश की. 1848 में ब्रिटिश चॉकलेट कंपनी जे.एस फ्राई एंड संस ने पहली बार कोको लिकर में कोको बटर और चीनी मिलाकर पहली बार खाने वाला चॉकलेट बनाया. एक रिसर्च ये भी कहती है कि CHOCLATE को रोजाना खाने से तनाव भी कम होता है.

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