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लोग COMA में क्यों चले जाते हैं, ये टेक्नोलॉजी कोमा में जाने से बचाएगी

हाल ही में अमेरिका के फिनिक्स में लगभग 14 साल से COMA में पड़ी एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया. घटना एक निजी अस्पताल की है. अब जब महिला कोमा में है तो इस बात की हैरानी है कि महिला एक बच्चे की माँ कैसे बन गयी, अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला के साथ बलात्कार हुआ होगा.  लोगों के मन में कोमा को लेकर अलग-अलग प्रश्न उठ रहे हैं. आज हम आपको बताते हैं कि क्या होता है जब इंसान कोमा में होता है.

कोमा क्या है, कोमा में कैसे जाते हैं

जब इंसान लम्बे समय से सो रहा हो, या फिर किसी बात पर या किसी भी चीज़ पर कोई प्रतिक्रिया न दे , न ही चल-फिर सके ऐसे इंसान को कोमा का मरीज कहा जाता है. ये मस्तिष्क पर किसी तरह की चोट का परिणाम है. दिल का दौरा या मस्तिष्क आघात के अलावा शराब के साथ किसी तरह का नशा मिलाकर लेना भी इंसान को कोमा में ले जा सकता है.

शुगर के मरीज के भी कोमा में जाने का खतरा रहता है अगर उसका शुगर लेवल एकदम से घट या बढ़ जाए. ट्यूमर, दिमाग का संक्रमण और खतरनाक गैसों के बीच रहना भी कोमा में जाने की वजह बन सकता है. वैसे 50 प्रतिशत से ज्यादा कोमा की वजह मस्तिष्क पर गहरा आघात होती है.

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कोमा से कैसे बाहर निकलें

कोमा जैसी बीमारी का अभी ठीक से कोई इलाज़ नहीं मिला है, इस पर अभी भी रिसर्च चल रही है. कोमा से लौटने पर इंसान तुरंत आँखें नहीं खोलता , अगर खोल भी देता है तो कई बार उसे अपनी आस-पास का होश नहीं होता. इसे कहते हैं वेजिटेटिव स्टेट दूसरा मिनिमली कांशस स्टेट- इस श्रेणी का मरीज कभी किसी बात पर न्यूनतम प्रतिक्रिया देता है तो कभी बिल्कुल नहीं दे पाता.

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साल 1846 में academy of science ने एक प्रतियोगिता आयोजित की थी जिसमें वैज्ञानिकों को ऐसे तरीके सुझाने थे जिसमें मरीज को कोमा में जाने के बाद भी कुछ वक्त तक होश में रखा जा सके और जान बचाने की कोशिश की जा सके.

तब एक वैज्ञानिक ने बिजली के झटकों की थ्योरी बताई. वैज्ञानिकों के अनुसार मरीज को बिजली के झटके देकर COMA से बाहर निकाला जा सकता है. लेकिन ये बिजली के झटके वाली थ्योरी भी कोमा के लिए फेल हो गयी. हालांकि इसके बाद वेंटिलेटर, डायलिसिस और कैथेटर का आविष्कार हुआ. जिनकी मदद से कोमा में जा रहे लोगों को अब काफी हद तक बाहर निकला जा सकता है.

अब COMA की जांच के लिए ग्लासगो कोमा स्केल नाम का उपकरण है. ये तीन चीजों के जरिए जांच करता है- आंखों का खुलना या फड़कना, किसी बात पर प्रतिक्रिया और आवाज पर कुछ कहना. इन तीनों मानकों पर स्कोर दिए जाते हैं.

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