कोरोना के कारण पिछले एक साल में 15 लाख बच्चें हुए अनाथ, भारत में 1.19 लाख बच्चों ने खोया अपना गार्जियन

बुधवार को द लैसेंट में एक स्टडी प्रकाशित हुई जिसके मुताबिक कोविड-19 महामारी के दौरान तकरीबन 1.5 मिलियन (15लाख) बच्चों ने अपने माता-पिता या देखभाल करने वालों(दादा-दादी या अन्य रिश्तेदार) को खो दिया. इनमें 1 मिलियन (10 लाख) ऐसे बच्चें शामिल हैं जिन्होंने केवल अपने पिता या माता में से किसी एक या दोनों को खो चुकें हैं.

वहीं भारत में तकरीबन 1.19 लाख बच्चों ने अपने गार्जियन को खो दिया है. इनमें से 1.16 लाख बच्चों ने अपनी माता या पिता में से किसी एक या दोनों को खो दिया है. वैश्विक स्तर पर  हुए रिसर्च में 1 मार्च 2020 से 30 अप्रैल 2021 तक का डेटा शामिल किया गया. इस डेटा से पता चला कि 15 लाख बच्चों ने प्राथमिक देखभाल करने वाले (माता-पिता या दादा-दादी) को कोरोना काल के दौरान खो दिया. वहीं कोरोनाकाल में मां को खोने की तुलना में पांच गुना अधिक बच्चों ने अपने पिता को खोया है.

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Source- The Indian Expresss

यूएस सेंटर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) कोविड-19 की टीम के लेखक डॉ. सुसान हिलीस ने के अनुसार दुनियाभर में कोरोना से होने वाली हर दो मौतों पर एक बच्चा अपने गार्जियन को खो देता है. इस स्टडी के लेखक ने द इंडियन एक्सप्रेस के ई-मेल के जवाब में बताया कि भारत में मार्च (5,091) की तुलना में अप्रैल (43,139) में ज्यादा बच्चें अनाथ हुए. अप्रैल में मृत्युदर 8.5 प्रतिशत तक बढ़ गयी थी.

सबसे ज्यादा बच्चे मैक्सिको में हुए अनाथ-

सबसे ज्यादा बच्चें मैक्सिको (1.41लाख) और ब्राजील (1.30लाख) में अनाथ हुए. इसके बाद भारत और अमेरिका का नंबर आता है जहां लाखों की संख्या में बच्चें अपने प्राथमिक संरक्षणकर्ता (माता-पिता या दादा-दादी) को खो दिया.

यह स्टडी सीडीसी कोविड-19 की टीम, इंपीरियल कॉलेज लंदन, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य शोधकर्ताओं द्वारा किया गया. इनमें 21 देशों को शामिल किया गया था, जो 30 अप्रैल 2021 तक वैश्विक कोविड-19 महामारी से मौतों का 77 प्रतिशत हिस्सा थे. शोधकर्ताओं ने मार्च मे 2020 से अप्रैल 2021 तक कोविड-19 से मृत्यु-दर के आंकड़ों और National fertility के आंकड़ों को आधार मानकर अनुमान लगाया गया. उन्होंने वैश्विक गणना  करने के लिए अपने निष्कर्षों का विस्तार किया. बच्चों की दो बार गिनती से बचने के लिए माता-पिता दोनों की मृत्यु को गिना गया.

कोरोना के कारण हर 12 सेकेंड में 1 बच्चा हो जाता है अनाथ-

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और केप टाउन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लूसी क्लुवर ने कहा कि हमें बच्चों की देखभाल करने वाले विशेषकर दादा-दादी को टीका लगाने की आवश्यकता है. हमें इस पर तेजी से काम करना होगा क्योंकि हर 12 सेकेंड में एक बच्चा कोविड-19 के कारण अनाथ हो जाता है.