E-Shram Portal : रेहड़ी-पटरी और दिहाड़ी मजदूरों के लिए खास पोर्टल, कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

केंद्र सरकार गुरुवार को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल (E-Shram Portal) लाॅन्च करने जा रही है. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भुपेंद्र यादव इसका लोगो पहले ही लाॅन्च कर चुके हैं. यह पोर्टल असंगठित क्षेत्र के मजदुरों का डाटाबेस तैयार करने में सरकार की मदद करेगा. इस पोर्टल को श्रम मंत्रालय ने नेशनल इंफोरमेटिक्स सेंटर के साथ मिलकर तैयार किया है.

कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान असंठित क्षेत्र के मजदूरों ने भारी मात्रा में गांवों की तरफ पलायन किया था. पहली लहर का सबसे ज्यादा असर उन्हें झेलना पड़ा था. सरकार के पास उनकी ठोस जानकारी नहीं होने कारण उन्हें किसी प्रकार कि सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी काफी दिक्कत आई थी. इस वजह से यह एक विवाद का कारण भी बना था. 

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 31 जुलाई 2021 तक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का एक नेशनल डाटाबेस (National Database for Unorganised Workers -NDUW) तैयार करने का आदेश दिया था. समय पर काम पूरा न होने के कारण इस साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार भी लगाई थी. सरकार ने अब एक पोर्टल तैयार कर लिया है जिस पर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा.

क्या है E-Shram पोर्टल, किसे मिलेगा इसका लाभ?

Photo Source : twitter/EPFO

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार भारत में लगभग 400 मिलियन यानी 40 करोड़ अंसगठित क्षेत्र के मजदूर है. सरकार इन्हीं मजदूरों का डाटाबेस तैयार करना चाहती है. इस पोर्टल के जरिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों जैसे- कंस्ट्रक्शन वर्कर, प्लेटफाॅर्म वर्कर, प्रवासी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू कामगार अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं, जिससे सरकार के पास उनके बारे में विस्तृत जानकारी होगी. 

कैसे करवा सकते हैं रजिस्ट्रेशन?

E-Shram पोर्टल के लाॅन्च होने के दिन से ही मजदूर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरा करने में किसी भी परेशानी का सामना करने पर मजदूर नेशनल टाॅल फ्री नंबर 14434 पर काॅल करके अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं. 

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए एक मजदूर को जन्म तिथि, होम टाउन, मोबाइल नंबर और सामाजिक श्रेणी जैसे आवश्यक विवरण को भरने की आवश्यकता होगी. इसके अलावा उन्हें अपने आधार कार्ड नंबर और बैंक खाते के विवरण भी पोर्टल की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान देना होगा.

क्यों है जरुरी?

यह डाटाबेस असंगठित क्षेत्र के लिए जरुरी नीतियों को बनाने में भी सरकार की मदद करेगा. इस डाटाबेस के जरिए सरकारी नीतियों की बेहतर निगरानी हो सकेगी. इसके अलावा यह सुनिश्चित हो सकेगा कि सरकार के सामाजिक योजनाओं का लाभ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के पास जमीनी स्तर तक पहुंच पा रहा है या नहीं.

Photo source : twitter/EPFO

असंठित क्षेत्र के मजदूरों का डाटाबेस किसी आपातकालीन स्थिति या संकट में उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में मदद करेगा. इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद उन्हें 12 अंकों के यूनिक नंबर के साथ एक श्रम कार्ड जारी किया, जो उन्हें आसानी से सरकार के सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने में मदद करेगा.  

क्या है सरकार की नीति?

असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए देशभर में जागरुकता अभियान चलाए जाएंगे. पोर्टल पर श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए श्रम मंत्रालय, राज्य सरकार, ट्रेड यूनियन और सीएससी (Common Service Centers) आपस में समन्वय बना कर काम करेंगे.

सामाजिक सुरक्षा के लाभों को उठाने के क्या है नियम?

सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code), 2020 के अनुच्छेद 142 के अनुसार,  कर्मचारियों या असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा को योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं का लाभ उठाने के लिए एक लाभार्थी के रुप में अपना रजिस्ट्रेशन सरकार के पास करवाना होगा.

अनुच्छेद 142 के अनुसार एक व्यक्ति या असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अपनी और उन पर निर्भर परिवार के सदस्यों की पहचान बताना अनिवार्य है. इसके अलावा इसमें कहा गया है कि चिकित्सा, पेंशन, ग्रेच्युटी, मातृत्व या किसी अन्य योजनाओं का लाभ उठाने या योजना के तहत मिल रही राशि को प्राप्त करने के लिए भी आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.

अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी, जिस पर तालिबान कभी नहीं कर पाया है कब्जा