1900 से लेकर अब तक ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा, जानिए कब-कब भारत ने गोल्ड मेडल जीता

टोक्यो ओलंपिक गेम्स का समापन हो चुका है. अब अगला ओलंपिक पेरिस में साल 2024 में होगा. टूर्नामेंट के शुरूआत से ही उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत इस बार अच्छा प्रदर्शन करेगा और हुआ भी ऐसा. भारत के दिग्गज खिलाड़ी मेरीकॉम और अमित पंघाल के बाहर होने के बाद भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया. भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 7 मेडल जीते हैं. इससे पहले भारत ने लंदन ओलंपिक 2012 में 6 मेडल जीते थे.

ओलंपिक इतिहास की बात करें तो भारत के नाम अब तक कुल 35 मेडल हैं. इसमें 10 गोल्ड, 9 सिल्वर और 16 बॉन्ज मेडल शामिल हैं. भारत ने अब तक सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल (8) हॉकी में जीता है, वहीं व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के दो खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल साल 2008 के बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग और इस साल टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

ओलंपिक के इतिहास में भारत का अब तक का प्रदर्शन –

भारत साल 1900 से ओलंपिक में भाग ले रहा है ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में पहले भारतीय प्रतिनिधि ने एथलेटिक्स के पांच प्रतिस्पर्धाओं में भाग लिया. जिसमें 60 मीटर, 100 मीटर, 110 मीटर और 200 मीटर की बाधा दौड़ शामिल थी. पेरिस में आयोजित होने वाले इस ओलंपिक में भारत ने 200 मीटर स्प्रिंट और 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) में दो सिल्वर मेडल जीता. भारत के लिए पहला इंडिविजुअल मेडल जीतने वाले नार्मन प्रिचर्ड हैं.

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साल 1928 के ओलंपिक में भारतीय हॉकी पुरुष टीम ने जीता पहला गोल्ड मेडल-

साल 1928 में आयोजित एम्सर्डम ओलंपिक में भारत पहला गोल्ड मेडल अपने नाम किया. भारतीय पुरुष हॉकी टीम के दिग्गज खिलाड़ी ध्यानचंद के नेतृत्व में भारत ने 29 गोल और एक भी बिना गोल खाए ओलंपिक में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता. फाइनल मुकाबले में ध्यानचंद ने नीदरलैंड के खिलाफ हैट्रिक बनाते हुए 14 गोल किए थे.

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साल 1932 लॉस एंजिल्स में भारतीय हॉकी टीम ने एक बार फिर जीता गोल्ड मेडल-

साल 1932 का ओलंपिक लॉन्स एंजिल्स में आयोजित हुआ. भारतीय हॉकी टीम का ओलंपिक गेम्स में अपना दबदबा कायम रखा. ध्यानचंद के नेतृत्व में एक बार फिर हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में जापान को 11-1 से हराकर बड़ी जीत हासिल की. इस मुकाबले में ध्यानचंद के अलावा रूप सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने ने जापान के खिलाफ 3 गोल और अमेरिका के खिलाफ 10 गोल किया था.

बर्लिन ओलंपिक 1936 में भारतीय हॉकी टीम ने जीता गोल्ड मेडल-

भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक खेलों में अपने लय में नजर आ रही थी. साल 1938 बर्लिन ओलंपिक में भारत ने फाइनल मुकाबले में जर्मनी को 8-1 से हराकर गोल्ड मेडल एक बार फिर अपने नाम किया. इस मैच के हिरो एक बार फिर ध्यानचंद बने.

आजादी के बाद भारत का पहला गोल्ड मेडल-

साल 1948 का लदंन ओलंपिक भारत के लिए खास रहा. क्योंकि भारतीय हॉकी टीम ने बलबीर सिंह दोसाझ के नेतृत्व में एक बार फिर गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब हुई. अंक तालिका में भारत एक गोल्ड जीतकर 22 नंबर पर थी.

हेलसिंकी ओलंपिक 1952 में एक बार भारतीय हॉकी टीम का गोल्ड पर किया कब्जा-

भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक में लगातार गोल्ड मेडल अपने नाम कर रही थी. भारत को गोल्ड मेडल की आदत सी बन गयी थी. हेलसिंकी ओलंपिक में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. फाइनल मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 6-1 से हराया. बलबीर सिंह ने 3 मैचों में कुल 9 गोल दागे थे. वहीं फाइनल में भी उन्होंने 5 गोल किया था.

Source- the hindu

हेलसिंकी ओलंपिक 1952 के व्यक्तिगत स्पर्धा में केडी जाधव ने जीता ब्रॉन्ज मेडल-

भारतीय पहलवान खशाबा दादासाहेब जाधव ने पुरुष फ्री स्टाइल बैंटमवेट श्रेणी में ब्रॉन्ज जीतकर भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक विजेता बन गए. ओलंपिक में जाने के लिए केडी जाधव को पैसा इकट्ठा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ी. अंत में वह न केवल ओलंपिक में हिस्सा लिया बल्कि देश के लिए मेडल भी जीता.

Source- The Bridge

मेलबर्न ओलंपिक 1956 में भारतीय हॉकी टीम ने जीता गोल्ड मेडल-

मेलबर्न ओलंपिक में भी भारतीय हॉकी टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन दिखाते हुए गोल्ड मेडल जीता. हॉकी का फाइनल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ. इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को गोल करने का मौका न देते हुए मैच 1-0 से जीत लिया. हॉकी टीम के कप्तान बलबीर सिंह ने हाथ में फैक्चर होने के बाद भी खेला.

Source- The TImes

1960 के रोम ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष-

हॉकी में लगातार गोल्ड जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम को इस बार सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. फाइनल मुकाबले में भारत को पाकिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा. पाकिस्तान ने भारत को 1-0 से हराया था.

टोक्यो ओलंपिक 1964 भारतीय हॉकी टीम ने जीता पाकिस्तान को हराकर जीता गोल्ड मेडल-

साल 1964 के टोक्यो ओलंपिक के हॉकी फाइनल में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे. पिछले दो ओलंपिक में दोनों हॉकी टीमों ने एक-एक गोल्ड मेडल जीता था. इस बार के फाइनल मुकाबले में भारतीय हॉकी टीम ने कोई गलती नहीं करते हुए पाकिस्तान को 1-0 से हराकर एक बार फिर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस ओलंपिक में भारत ने अपने ग्रुप स्टेज के 6 मैचों में से 4 मैचों में जीत हासिल की थी और 2 मैच ड्रॉ खेले थे.

मैक्सिको सिटी 1968 भारतीय हॉकी टीम का ब्रॉन्ज मेडल-

साल 1968 मैक्सिको ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम सफर उतार चढ़ाव से भरा रहा. भारत हॉकी टीम ने मैक्सिको, स्पेन को हरा कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था. लेकिन इस मुकाबले में ऑस्टेलिया ने भारत को 2-1 से हरा दिया. फिर भारतीय हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल के लिए पश्चिमी जर्मनी को 2-1 से हराया.

म्यूनिख ओलंपिक 1972 में भारतीय हॉकी टीम ने एक बार फिर जीता ब्रॉन्ज मेडल-

साल 1972 में हुए म्यूनिख ओलंपिक में भारत ने अपने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइल में प्रवेश किया लेकिन उसे पाकिस्तान के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा. हालांकि नीदरलैंड्स को हरा कर ब्रॉन्ज मेडल एक बार फिर अपने नाम किया.

मास्को ओलंपिक 1980 भारतीय हॉकी टीम का गोल्ड मेडल-

1976 के ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन निराशजनक था. भारतीय हॉकी टीम 7वें स्थान पर रही लेकिन साल 1980 के मास्को ओलंपिक में भारत हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर गोल्ड मेडल जीता. फाइनल मुकाबले में भारतीय हॉकी टीम ने स्पेन को 4-3 से हराया था.

Source- Olymipcs

अटलांटा 1996 पुरुष एकल टेनिस में लिएंडर पेस ने जीता ब्रॉन्ज मेडल-

साल 1996 एटलांटा ओलंपिक में भारतीय युवा और टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया. इस जीत से पेस ने भारत में बहुत वाह वाही बटोरीं. पेस सेमीफाइनल मुकाबले में आंद्रे अगासी से हारने के बाद ब्रॉन्ज मेडल के मैच में फर्नांडो मेलिगानी को हराया था.

Source- khel now

सिडनी ओलंपिक 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने जीता ब्रॉन्ज मेडल-

साल 2000 के ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ने वेटलिफ्टिंग में 54 किलोग्राम में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इसे के साथ ही कर्णम मल्लेश्वरी भारत की पहली ऐसी महिला बनी जिन्होंने ओलंपिक में मेडल जीता.

एथेंस 2004 में राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शूटिंग में जीता सिल्वर मेडल-

साल 2004 एथेंस ओलंपिक में राजस्थान के राज्यवर्धन सिंह राठौर ने मेंस डबल शूटिंग में सिल्वर मेडल जीता. राठौर पहले ऐसे भारतीय हैं जिसने शूटिंग में मेडल जीता है.

बीजिंग ओलंपिक 2008 में भारत का प्रदर्शन-

भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने मेंस 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड मेडल जीता. बिंद्रा ने अंतिम शॉट के साथ 10.8 का स्कोर किया. इसके साथ ही अभिनव बिंद्रा भारत के पहले व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड लाने वाले व्यक्ति बन गए.

बीजिंग ओलंपिक में विजेंदर सिंह पहले ऐसे भारतीय बॉक्सर बने जिन्होंने देश के लिए मेडल जीता. विजेंदर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में कार्लोस गौन्गोरा को 9-4 से हराया था.

केडी जाधव के बाद भारत को रेसलिंग में मेडल जीतने में 56 साल लग गए. सुशील कुमार शुरुआती मुकाबले हारने के बाद रेपेचेज राउंड में ब्रॉन्ज मेडल जीता.

Source- Olympics

लदंन ओलंपिक 2012 में भारत का प्रदर्शन-

लंदन ओलंपिक 2012 में भारत शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 मेडल अपने नाम किए. गगन नारंग ने मेंस 10 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल जीता. सुशील कुमार ने कुश्ती में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. मेंस 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग में विनय कुमार ने सिल्वर मेडल जीता. लदंन ओलंपिक से पहले बहुत कम ही लोग विजय कुमार को जानते थे. मेरी कॉम ने लदंन ओलंपिक में मुक्केबाजी में ब्रॉन्ज मेडल जीता. भारत के अनुभवी पहलवान योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम के वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता. वहीं वूमेंस सिंगल्स में साइना नेहवाल ने बैडमिंटन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.

Source- the Quint

रियो ओलंपिक 2016-

रियो ओलंपिक में भारत के खाते में केवल दो मेडल आए. पीवी सिंधु ने रियो ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए वूमेंस सिंगल्स बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जीता. वहीं दूसरा मेडल साक्षी मलिक ने जीता.

Source- Quartz

साक्षी ने वूमेंन 58 किलोग्राम रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल के लिए किर्गिस्तान की एसुलु टाइनीबेकोवा को 8-5 से हराया.