Molnupiravir : कोविड इलाज के लिए पहला Oral Drug, जानिये कैसे करेगा काम और कितनी है कीमत

कोविड-19 के इलाज के लिए वैक्सीन के बाद अब मुंह से ली जाने वाली दवा (Oral drug) का इजाद हुआ है. इस दवा के इस्तेमाल के लिए यूके ने मंजूरी दे दी है. शुरुआत में क्लीनिकल ट्रायल के दौरान इस दवा को फ्लु जैसे बीमारी को ठीक करने के लिए तैयार किया गया था. जिससे कोविड से पीड़ित रोगीयों को अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सके. 

कोविड के लिए पहली दवा

कोविड के इलाज के लिए बना यह पहला ओरल ड्रग है. Molnupiravir कोविड के लिए पहली एंटीवायरल दवा है जिसे इंजेक्शन के बजाय एक गोली के रूप में लिया जा सकता है.

Merck Molnupiravir

इसे अमेरिकी दवा कंपनी Merck, Sharp and Dohme (MSD) और Ridgeback Biotherapeutics ने मिलकर तैयार किया है. 

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Molnupiravir के कितने dose लेने होंगे? 

इस दवा का पांच दिनों का एक कोर्स है. इस दवा को कोरोना के लक्षण दिखने के पांच दिन के भीतर लेने की सलाह दी गई है. जो लोग हाल ही में कोरोना पाॅजिटिव हुए हैं, उन्हें इस दवा को दिन में दो बार दी जाएगी. कोविड रोगीयों को इस दवा को पांच दिनों तक सुबह 4 और रात में 4 गोली लेनी होगी. 

Molnupiravir Merck Covid efficacy
Molnupiravir (Image Source : Merck)

कैसे काम करता है?

इस दवा को एंजाइम को इंजीनियर करके तैयार किया गया है ताकि जल्द से जल्द इसका निर्माण किया जा सके. यह एक न्यक्लियोसाइड एनालाॅग है, जो वायरस के जेनेटिक कोड को तोड़ कर उसमें गड़बड़ी पैदा कर देता है.

इससे वायरस का चेन धीरे-धीरे टुट जाता है और उसकी नई म्युटेशन करने की शक्ति खत्म हो जाती है.

चूंकि यह एनालाॅग, वायरस पर रैंडम तरीके से हमला करता है, कोरोनावायरस का दोबारा से विकसीत होना या इसके खिलाफ लड़ना मुश्किल हो जाता है.

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कितनी है efficacy

Molnupiravir कोविड रोगियों को अस्पताल ले जाने या मौत की संभावना को 50 प्रतिशत तक घटा देता है.

मर्क की प्रेस रिलीज के अनुसार, इस दवा को लेने वाले 7.3 प्रतिशत लोगों को अस्पताल भेजने की जरुरत पड़ी. वहीं इसके प्लेसबो लेने वालों में से 14.1 प्रतिशत लोगों को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ी.

हालांकि Molnupiravir की गोली लेने वाले ग्रुप में किसी भी रोगी की मौत नहीं हुई जबकि इसकी प्लेसबो (डमी गोली) लेने वाले आठ रोगियों की बाद में कोविड से मौत हो गई.

इसे विकसीत करने वाली दवा कंपनी ने कहा है कि इसकी गोली को लेने वाले 12 प्रतिशत रोगियों में प्रतिकुल प्रभाव देखने को मिला वहीं इसकी प्लेसबो या डमी गोली को लेने वाले 11 प्रतिशत रोगियों में प्रतिकुल प्रभाव देखने को मिला.

किस-किस देश ने खरीदा

यूके ने देश में इस्तेमाल की मंजूरी के साथ-साथ कंपनी से इस दवा की 4,80,000 कोर्स खरीदने का भी डील किया है. इसके अलावा अमेरिका ने भी इसके 17 लाख कोर्स का ऑर्डर दिया है.

ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया समेत कुछ अन्य देशों ने भी इस दवा की खरीद के लिए मर्क से समझौते किए हैं.

यूके में शुरुआत में इसे वैक्सीनेटेड और अनवैक्सीनेटेड दोनों तरह के रोगीयों को दिया जाएगा. इसके माध्यम से अध्ययन से अतिरिक्त डेटा जमा कर यह पता लगाया जाएगा कि यह दवा कोविड-19 के खिलाफ कितनी कारगर है.

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कितना है price

अमेरिका ने मर्क्स को Molnupiravir के 17 लाख को कोर्स के ऑर्डर दिए हैं, जिसकी कीमत 1.2 बिलियन डाॅलर है. यानी अमेरिका को प्रत्येक कोर्स के लिए 700 डाॅलर चुकाना पड़ा है.

हालांकि अमेरिका अपने देश में कोविड-19 रोगियों का इलाज और टीककरण मुफ्त कर रहा है. वहीं ब्रिटेन द्वारा दिए गए Molnupiravir के 4 लाख 80 हजार कोर्स की कीमत अभी पब्लिक नहीं की गई है.  

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