जर्मनी के आम चुनाव में किसी भी पार्टी को नहीं मिला पूर्ण बहुमत, कैसे होता है चांसलर का चुनाव

26 सितंबर को जर्मनी में नई सरकार के लिए वोटिंग हुई. सामने आए आधिकारिक परिणाम के अनुसार अभी तक इस आम चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. हालांकि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जर्मनी (SPD) आगे चल रही है. जर्मनी के चुनाव में मुख्य तौर पर 6 पार्टियां शामिल थी. साल 1945 के बाद जर्मनी में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. लिहाजा सरकार बनाने के लिए कम से कम दो पार्टियों को गठजोड़ करना पड़ता है. आइए जानते हैं कि जर्मनी में चुनाव कैसे होता है.

जर्मनी में चुनाव कैसे होता है

जर्मनी की कुल जनसंख्या 8 करोड़ 30 लाख है जिसमें 6 करोड़ 4 लाख मतदाता हैं. वोटिंग की न्यूनतम आयु 18 साल है. जर्मनी में चुनाव हर 4 साल पर होता है. देश में चुनाव ‘इलेक्शन मैनजमेंट बॉडी’ नामक संस्था कराती है. जर्मनी के निचले सदन को बुंडेस्टैग कहा जाता है. जर्मन संसद की खास बात यह है कि जिस पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, वह पार्टी संसद में उतना ही प्रतिनिधित्व करती है.

संसद में जाने के लिए किसी भी पार्टी को चुनाव में कम से कम पांच प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी है. देश में सरकार बनाने के लिए 50 प्रतिशत वोट की जरूरत होती है. इस बार के चुनाव में किसी भी पार्टी को 30 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल नहीं हुआ है. इसका मतलब यह है कि सरकार बनाने के लिए कम से कम दो या दो से अधिक पार्टियों को गठबंधन करना पड़ेगा. हालांकि नई सरकार बनने तक एंगेला मैर्केल चांसलर बनी रहेंगी.

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चुनावी परिणाम

जर्मनी की सत्ताधारी पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन ऑफ जर्मनी (सीडीयू) जर्मनी की सबसे पुरानी पार्टी है. इसकी स्थापना साल 1945 को हुई थी. यह पार्टी हमेशा क्षेत्रीय दल क्रिश्चियन सोशल यूनियन ऑफ बावरिया के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है. इस बार के चुनाव में दोनों पार्टियों 24.1 प्रतिशत वोट मिले हैं.

जर्मनी के इस चुनाव में सबसे ज्यादा वोट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जर्मनी (एसडीपी) को मिला है. इस पार्टी को 25.7 प्रतिशत वोट हासिल हुआ है. एसडीपी पार्टी का गठन साल 1963 में हुआ था. 14.8 प्रतिशत वोट के साथ ग्रीन पार्टी तीसरे नंबर पर है. इस पार्टी का गठन साल 1993 में हुआ था. फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी को 92 सीटों के साथ 11.5 प्रतिशत वोट मिला है. अलटर्नेटिव ऑर जर्मनी पार्टी को 10.3 प्रतिशत वोट मिला है. DIE LINKE द लेफ्ट पार्टी को 4.9 प्रतिशत वोट मिला है.

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जर्मनी में वोटिंग कैसे होती है

जर्मनी के निचले सदन बुंडेस्टैग में 598 सीटें है. जिसमें 299 सीटों पर चुनाव सीधे क्षेत्रों से होता है. जर्मनी में आज भी वोटिंग के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल होता है. चुनाव के दौरान मतदाता दो वोट डालता है. पहला वोट पसंदीदा स्थानीय उम्मीदवार के लिए और दूसरा पार्टी के लिए. जर्मनी में कई लोग ऐसे भी हैं जो अपना दोनों वोट अलग-अलग देते हैं. यानी स्थानीय स्तर पर किसी और को वोट देते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर किसी और के पार्टी को वोट देते हैं.

जर्मनी के संसद में घटती-बढ़ती रहती है सीटें

जर्मनी के संसद में कितनी सीटें होंगी यह मतदाताओं के वोट पर निर्भर करता है. पार्टियों को उनके वोट के अनुपात में सीटें आवंटित होती है. यदि किसी पार्टी को मिलने वाले वोटों की तुलना में सीधे तौर पर ज्यादा सीटें जीत जाती है तो वह उन सीट पर बनी रह सकती है लेकिन दूसरी पार्टियों को उसी के अनुपात में अतिरिक्त सीटें मिल जाती हैं. इस प्रक्रिया को ओवरहैंग मैंडेट कहते हैं.

संसद बुंडेस्टैग में कम से कम 598 सीटें होती हैं लेकिन जटिल चुनावी प्रणाली के कारण यह संख्या घटती-बढ़ती रहती है. वर्तमान में 709 सदस्य हैं.

Source- News 18

चांसलर का चुनाव

चुनाव से पहले सभी पार्टियां चांसलर पद के लिए अपने नेता का एलान करती हैं लेकिन चांसलर कोई तभी बन सकता है जब उसकी पार्टी को पू्र्ण बहुमत हासिल हुई हो.

वर्तमान में सबसे ज्यादा वोट एसपीडी को हासिल हुए हैं लेकिन वह बहुमत से दूर है. नियमानुसार जर्मनी के राष्ट्रपति सबसे पहले एसपीडी को सरकार बनाने के न्योता देंगे. लेकिन एसपीडी को बताना होगा कि वह किन पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाएगी. अगर एसपीडी ऐसा करने में नाकाम होती है तो फिर राष्ट्रपति दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे. गठबंधन की दशा में सहयोगी पार्टी मिलकर तय करते हैं कि वह किसे चासंलर बनाना चाहते हैं.

सरकार बनने के बाद बुंडेस्टेग में पहले सत्र की बैठक बुलाई जाती है, जिसमें नवनिर्वाचित सदस्य नए चांसलर के लिए गुप्त मतदान करते हैं. राष्ट्रपति चाहे तो चांसलर के लिए किसी प्रत्याशी के नाम पर सुझाव दे सकता है लेकिन यह बाध्य नहीं होता है. यदि प्रत्याशी पहले दौर की वोटिंग के दौरान पूर्ण बहुमत हासिल करता है तो राष्ट्रपति उसे चांसलर नियुक्त करता है.

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