TAMIL NADU ASSEMBLY ELECTION 2021 : तमिलनाडु में कब होंगे चुनाव, किसकी बनेगी सरकार, राज्य की पूरी राजनीति समझिये

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. उन राज्यों में से एक तमिलनाडु भी है. राज्य में 6 अप्रैल को चुनाव होगा और वोटों की गिनती 2 मई को होगी. तमिलनाडु में  विधानसभा की कुल 235 सीट (234 निर्वाचित + 1 आंग्ल भारतीय) और लोकसभा की 39 सीटें हैं. वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित हैं.

तमिलनाडु की राजभाषा तमिल है. यहां का लोकनृत्य भरतनाट्यम् है. राज्य में कुल 33 जिले हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार तमिलनाडु की जनसंख्या 6.79 करोड़ है. साल 1968 से पहले तमिलनाडु राज्य को मद्रास के नाम से जाना जाता था.

राजनीतिक परिदृश्य-

वर्तमान में तमिलनाडु में ऑल इंडिया द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) की सरकार है. जिसके पास 124 सीटें हैं. वहीं प्रमुख विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के पास 89 सीटें हैं. इसके अलावा कांग्रेस के पास 7 सीट और इंडियन मुस्लिम लीग के पास 5 सीटें हैं. जबकी 4 सीटें मौजूदा वक्त में खाली है. 2016 विधानसभा चुनाव में AIADMK को 40.88 प्रतिशत वोट और DMK को 31.39 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे.

Source- DNA India

साल 2019 लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की 38 लोकसभा सीटों में से द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) को 23 सीट, कांग्रेस को 8 सीट, सीपीआई और सीपीआई (एम) को 2-2 सीट, एआईएडीएमके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वीसीके को 1-1 सीट प्राप्त हुईं.

अबकी बार तमिलनाडु में किसकी सरकार –

तमिलनाडु में मुख्य: दो प्रमुख पार्टियां हैं. पहली जयललिता की AIADMK, दूसरी करुणानिधि की पार्टी DMK है. राज्य की राजनीति इन्हीं दो पार्टियों के इर्द-गिर्द घूमती है. इसी कारण राष्ट्रीय पार्टियां इन दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता में आने की लालसा रखती हैं. तमिलनाडु में पिछले दस सालों से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) सत्ता में हैं.

Source- The Indian Express

वर्तमान में AIADMK का प्रभुत्व पहले की अपेक्षा कम हुआ है. जब तक जयललिता थीं तबतक पार्टी की कमान उन्हीं के पास थी और तमिलनाडु की जनता उन्हें बेहद पंसद करती थी. लेकिन जयललिता के निधन के बाद से पार्टी राज्य में कमजोर हुई है. 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल एक सीट मिली थी.

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी DMK इस बार सत्ता में आने की पुरजोर कोशिश कर रही है. करूणानिधि के निधन के बाद पार्टी की कमान उनके बेटे एम. के. स्टालिन के पास है. स्टालिन के नेतृत्व में पार्टी को 2019 लोकसभा चुनाव में 23 सीटें मिली थी. वहीं केंद्र में काबिज बीजेपी को तमिलनाडु में एक भी सीट हासिल नहीं हुई.

Source- IANS

बीजेपी कई दशकों से तमिलनाडु में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी AIADMK के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ रही है. वहीं कांग्रेस की बात की जाए, तो कांग्रेस लंबे समय से DMK की सहयोगी पार्टी रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनावी जनसभा को संबोधित करने कई बार तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं.